एनसीएलएटी ने एफल 3आई लिमिटेड की दिवाला याचिका खारिज की, नई अर्जी की अनुमति दी
एनसीएलएटी का निर्णय
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एफल 3आई लिमिटेड द्वारा टैलेंट अनलिमिटेड ऑनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने के एनसीएलटी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि, एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने एफल 3आई लिमिटेड को एनसीएलटी में दिवाला प्रक्रिया के संदर्भ में नई याचिका दाखिल करने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति योगेश खन्ना (कार्यवाहक अध्यक्ष) और तकनीकी सदस्य बरुण मित्र ने कहा कि मौजूदा आदेश में हस्तक्षेप का कोई उचित आधार नहीं है।
दिवाला आवेदन की पृष्ठभूमि
दिल्ली स्थित एनसीएलटी ने 12 जून, 2026 को एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेज लिमिटेड द्वारा दायर दिवाला आवेदन को स्वीकार करते हुए टैलेंट अनलिमिटेड ऑनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने का आदेश दिया था। एफल 3आई लिमिटेड, जो टैलेंट अनलिमिटेड में परिवर्तनीय वरीयता शेयर रखती है, ने इस आदेश को एनसीएलएटी में चुनौती दी थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि सीआईआरपी की शुरुआत धोखाधड़ी से की गई थी।
एनसीएलएटी का तर्क
एनसीएलएटी ने कहा कि धारा 65 के तहत धोखाधड़ी का आरोप अपीलीय स्तर पर पहली बार नहीं उठाया जा सकता। यह मुद्दा पहले एनसीएलटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था। पीठ ने यह भी बताया कि एफल 3आई लिमिटेड ने इस आरोप के समर्थन में कोई ठोस सामग्री पेश नहीं की। इसके अलावा, धारा 65 के तहत आरोप साबित करने के लिए कठोर मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है।
ऋण और चूक की स्थिति
एनसीएलएटी ने यह भी स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर ऋण और चूक की स्थिति स्थापित है। जब ये दोनों तत्व साबित होते हैं, तो आईबीसी की धारा 7 के तहत आवेदन को स्वीकार करना अनिवार्य हो जाता है। एफल 3आई लिमिटेड ने कहा कि उसने टैलेंट अनलिमिटेड को दिवाला प्रक्रिया से पहले ऋण देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ट्राइफेक्टा के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया।
आगे की प्रक्रिया
एफल 3आई ने यह भी दावा किया कि सीआईआरपी शुरू होने के बाद उसने बिना किसी कटौती के पूरा बकाया चुकाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर, एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेज लिमिटेड ने एफल 3आई के दावे का विरोध करते हुए कहा कि उसकी आपत्ति मुख्य रूप से शेयरधारक के रूप में स्थिति से संबंधित है। एनसीएलएटी ने अंततः एफल 3आई लिमिटेड को एनसीएलटी में धारा 65 के तहत उचित आवेदन दाखिल करने की स्वतंत्रता दी है।