एयर इंडिया में नए CEO का आगमन: तेवोल्डे गेबरियाम की चुनौतियाँ
एयर इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन
सोमवार से एयर इंडिया में एक नया नेतृत्व शुरू होने जा रहा है, जिसमें इथियोपियन एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख तेवोल्डे गेबरियाम एयरलाइन के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब एयर इंडिया को सुरक्षा को मजबूत करने, संचालन में विश्वसनीयता लाने और बढ़ते घाटे को नियंत्रित करने का दबाव है.
तेवोल्डे गेबरियाम की भूमिका
हालांकि, तेवोल्डे गेबरियाम को अभी आधिकारिक तौर पर CEO का पद नहीं दिया जाएगा क्योंकि उनकी सुरक्षा मंजूरी अभी लंबित है। यह मंजूरी इस महीने के अंत तक मिलने की संभावना है। फिर भी, वह सोमवार से एयरलाइन के दैनिक कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन उनकी नियुक्ति की घोषणा कर्मचारियों की बैठक में कर सकते हैं.
आर्थिक चुनौतियाँ
तेवोल्डे गेबरियाम के सामने सबसे बड़ी चुनौती एयर इंडिया को आर्थिक और परिचालन रूप से मजबूत बनाना होगा। वित्त वर्ष 2026 में एयरलाइन को 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। इसके अलावा, एयर इंडिया ने अपने मालिकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी की मांग की है, जिससे नए नेतृत्व पर खर्च कम करने और लाभ बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है.
सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान
हाल के समय में एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में 270 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिसके बाद एयरलाइन की सुरक्षा पर जांच और निगरानी बढ़ी है। इसके अलावा, 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही उड़ान के ऊंचाई खोने से कई यात्री और चालक दल के सदस्य घायल हुए थे.
भविष्य की योजनाएँ
तेवोल्डे गेबरियाम का ध्यान विमान इंजीनियरिंग, रखरखाव और सुरक्षा पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। इथियोपियन एयरलाइंस में उन्होंने परिचालन और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एयर इंडिया के बेड़े के विस्तार को देखते हुए, तकनीकी विभाग और रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी.
नई कार्यसंस्कृति का विकास
एयरलाइन के भीतर चर्चा है कि नए प्रमुख के आने के बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की विदाई हो सकती है। गेबरियाम से ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करने की उम्मीद है जिसमें जिम्मेदारी तय हो, कार्य में तेजी आए और यात्रियों को बेहतर सेवा मिले.
कर्मचारियों की बैठक
सोमवार को होने वाली कर्मचारियों की बैठक को नए नेतृत्व की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसमें सुरक्षा, बेहतर परिचालन, यात्री सुविधा और आर्थिक अनुशासन को एयर इंडिया की आगे की रणनीति के प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.