एयरलाइन टिकट रद्द करने के नए नियम: बिना शुल्क के बदलाव की सुविधा
नए नियमों की घोषणा
विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइनों के लिए टिकट रद्द करने के नियमों में बदलाव किया है। अब यात्री कुछ शर्तों के तहत, बुकिंग के 48 घंटों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपने हवाई टिकट को रद्द या बदल सकते हैं।
यात्री के हितों को ध्यान में रखते हुए, डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई यात्री बुकिंग के 24 घंटों के भीतर किसी गलती की सूचना देता है और टिकट एयरलाइन की वेबसाइट से खरीदा गया है, तो एयरलाइनों को उस व्यक्ति के नाम पर सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए।
टिकट रिफंड की प्रक्रिया
डीजीसीए ने कहा है कि यदि टिकट यात्रा एजेंट या पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी, क्योंकि एजेंट एयरलाइन के प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड की प्रक्रिया 14 कार्य दिवसों के भीतर पूरी हो जाए।
इसके अतिरिक्त, चिकित्सा आपात स्थितियों के कारण टिकट रद्द करने के नियमों में भी संशोधन किया गया है।
यात्री शिकायतों का समाधान
यात्रियों द्वारा समय पर रिफंड न मिलने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए, नागर विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) में बदलाव किए गए हैं। दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों के रद्द होने के दौरान भी टिकट रिफंड का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उस समय, नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्धारित समय सीमा के भीतर रिफंड पूरा करने का निर्देश दिया था।
ये संशोधित नियम 24 फरवरी को जारी किए गए थे।