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एलआईसी की हिस्सेदारी बिक्री में निवेशकों की भारी भागीदारी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश को संस्थागत निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। निवेशकों ने इसके लिए 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां लगाई हैं। यह बिक्री खुदरा निवेशकों के लिए भी खुलने वाली है। जानें इस बिक्री का महत्व और सरकार को इससे होने वाली संभावित आय के बारे में।
 

एलआईसी की हिस्सेदारी बिक्री का उत्साह

नई दिल्ली, चार अगस्त: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को मंगलवार को संस्थागत निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। इस बिक्री के लिए निवेशकों ने 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां प्रस्तुत की हैं। सरकार 382 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर एलआईसी के 28.46 करोड़ से अधिक शेयर बेचने की योजना बना रही है।


यह निर्गम बुधवार को खुदरा निवेशकों के लिए भी खुल जाएगा। संस्थागत निवेशकों ने 383.84 रुपये प्रति शेयर के सांकेतिक मूल्य पर 94.45 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाई हैं। इस सांकेतिक मूल्य पर कुल बोलियों का मूल्य 36,400 करोड़ रुपये है।


इस बीच, बीएसई पर एलआईसी का शेयर 7.86 प्रतिशत गिरकर 391 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 4.95 लाख करोड़ रुपये है। यह 382 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य सोमवार को बीएसई पर इसके बंद भाव 424.35 रुपये की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम रखा गया है।


इस न्यूनतम मूल्य पर 82.22 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री से सरकार को लगभग 31,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यह बिक्री पेशकश एलआईसी को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा निर्धारित न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) की शर्त को समय से पहले पूरा करने में मदद करेगी। सेबी ने एलआईसी को न्यूनतम 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करने के लिए 16 मई, 2027 तक का समय दिया है।


वर्तमान में सरकार की एलआईसी में 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार ने मई 2022 में 902-949 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में एलआईसी में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। अप्रैल 2026 में, एलआईसी के निदेशक मंडल ने एक के बदले एक ‘बोनस शेयर’ जारी करने को मंजूरी दी थी।


वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 में, सरकार ने अब तक सात सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री और भारतीय यूनिट ट्रस्ट के निर्दिष्ट उपक्रम (एसयूयूटीआई) से प्राप्त राशि के माध्यम से 21,082 करोड़ रुपये जुटाए हैं।