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एसएमएल लिमिटेड की शेयर बाजार में सूचीबद्धता की योजना पर विचार

एसएमएल लिमिटेड, जो पहले सल्फर इंडिया लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी, अगले दो से तीन वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य नई रसायन इकाइयों के विकास के लिए पूंजी जुटाना है। प्रबंध निदेशक बिमल शाह ने बताया कि कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में एनसीई पर काम किया है और इसके विकास के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता है। एसएमएल की वित्तीय स्थिति मजबूत है, और कंपनी ने अपने उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की है, जिससे राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
 

कंपनी की संभावित सूचीबद्धता

(लक्ष्मी देवी ऐरे) नयी दिल्ली, 13 सितंबर - कृषि इनपुट कंपनी एसएमएल लिमिटेड, जिसे पहले सल्फर इंडिया लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, अगले दो से तीन वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य नई रसायन इकाइयों (एनसीई) के विकास के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना है। प्रबंध निदेशक बिमल शाह ने एक साक्षात्कार में बताया कि सूचीबद्धता के संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।


विकास की दिशा में कदम

शाह ने कहा, 'हमने अभी तक पूरी तरह से निर्णय नहीं लिया है, हम इस पर विचार कर रहे हैं।' उनके अनुसार, कंपनी को अगले एक-दो वर्षों में इस दिशा में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। एसएमएल लिमिटेड उन कुछ भारतीय कंपनियों में से एक है जो नई रासायनिक इकाइयों के विकास पर कार्य कर रही हैं। ये उत्पाद सामान्य जेनेरिक उत्पादों के बजाय कंपनी द्वारा विकसित किए गए नए और स्वामित्व वाले अणु हैं।


निवेश की आवश्यकता

शाह ने बताया कि कंपनी पिछले तीन वर्षों से एनसीई पर काम कर रही है, जो अब उसके व्यवसाय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हालांकि, ऐसे उत्पादों के विकास के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता होती है। कंपनी का अनुमान है कि एक एनसीई को बाजार में लाने में लगभग 7-8 करोड़ डॉलर का खर्च आ सकता है।


वित्तीय स्थिति

अब तक, कंपनी ने अपने शोध एवं विकास कार्यों का खर्च स्वयं उठाया है। एसएमएल के पास लगभग 450-470 करोड़ रुपये की नकदी है और यह लगभग कर्ज-मुक्त स्थिति में है। प्रबंधन इस राशि का उपयोग भविष्य में अधिग्रहण, नियामकीय परिसंपत्तियों या रणनीतिक साझेदारी के साथ एनसीई कार्यक्रम में कर सकता है।


विकास की नई दिशा

शाह ने कहा कि कंपनी ने वर्षों से अपने बही-खाते को मजबूत रखा है और जमा पूंजी का उपयोग सही अवसर मिलने पर किया जाएगा। कंपनी अपने पारंपरिक सल्फर उर्वरक कारोबार से आगे बढ़ते हुए फसल पोषण, फसल संरक्षण और जैविक उत्पादों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उनके अनुसार, अगले तीन वर्षों में फसल पोषण कंपनी का सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र हो सकता है।


राजस्व लक्ष्य में कमी

कंपनी भारत और वैश्विक बाजार में संतुलित और पोषक तत्वों के अधिक प्रभावी उपयोग वाले उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। कमजोर मानसून, अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क और भू-राजनीतिक तनाव के कारण परिवहन में आ रही बाधाओं को देखते हुए, एसएमएल ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपना राजस्व लक्ष्य घटाकर लगभग 1,600 करोड़ रुपये कर दिया है। पहले, कंपनी ने 1,800 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था।


उत्पादों की कीमतों में वृद्धि

हालांकि, नया लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष के लगभग 1,200-1,300 करोड़ रुपये के कारोबार से अधिक है। कंपनी ने अपने उत्पादों की कीमतों में लगभग 15-20 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है। कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।


अंतरराष्ट्रीय कारोबार से राजस्व

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को इससे लगभग 600-700 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस वित्त वर्ष में, कंपनी को अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 700-800 करोड़ रुपये और अगले दो वर्षों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। कंपनी के निर्यात राजस्व में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी फसल संरक्षण उत्पादों की है, जिसमें कीटनाशक और फफूंदनाशक शामिल हैं।