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ओपनडोर ने भारत में परिचालन बंद करने का निर्णय लिया, 250 कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

ओपनडोर, एक प्रमुख रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी, ने भारत में अपने परिचालन को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिससे लगभग 250 कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। CEO काज़ नेजातियन ने बताया कि यह कदम ग्राहकों के करीब आने के लिए उठाया गया है। कंपनी ने अमेरिका में अपने संचालन को केंद्रित करने का निर्णय लिया है, जबकि प्रभावित कर्मचारियों को संक्रमण सहायता पैकेज प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय वैश्विक तकनीकी उद्योग में एआई के बढ़ते प्रभाव और स्थानीय रोजगार नीतियों के चलते आया है।
 

ओपनडोर का भारत में परिचालन समाप्त करने का निर्णय

वैश्विक तकनीकी उद्योग में नौकरी की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में, अमेरिका की रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी ओपनडोर ने भारत में अपने संचालन को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कदम का प्रभाव लगभग 250 कर्मचारियों पर पड़ेगा जो भारत में कार्यरत हैं।




कंपनी के CEO काज़ नेजातियन ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि ओपनडोर अपने संचालन को ग्राहकों के करीब लाना चाहती है। चूंकि अधिकांश ग्राहक अमेरिका में हैं, इसलिए कंपनी ने यह तय किया है कि संचालन से जुड़े कार्य वहीं से किए जाएंगे।




नेजातियन ने एक सार्वजनिक बयान में कहा कि भारत में काम कर रहे कर्मचारियों ने कंपनी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और यह निर्णय उनके कार्य की गुणवत्ता से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की टीम ने कंपनी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वे भविष्य में भी इन कर्मचारियों की पेशेवर क्षमताओं की सराहना करते रहेंगे।




ओपनडोर अमेरिका की एक प्रमुख रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो घरों की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से सरल बनाती है। पिछले कुछ वर्षों में, कंपनी ने भारत में एक महत्वपूर्ण कार्यबल तैयार किया था, जो विभिन्न परिचालन प्रक्रियाओं और तकनीकी कार्यों को संभाल रहा था।




कंपनी ने अपने बयान में कहा कि पहले भारत स्थित टीम विभिन्न प्रणालियों में मैनुअल कार्यप्रवाह का प्रबंधन करती थी। अब, कंपनी ने अपनी प्रणालियों को एकीकृत कर लिया है और अमेरिका में छोटे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ग्राहक-केंद्रित दल तैयार किए हैं। इसी कारण से, कंपनी ने परिचालन कार्यों को भारत से अमेरिका स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।




कुछ पद पहले ही अमेरिका में स्थानांतरित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रक्रिया अब पूरी की जा रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित कर्मचारियों को संक्रमण सहायता पैकेज प्रदान किया जाएगा, जिसमें सेवा समाप्ति लाभ, नई नौकरी खोजने में सहायता और अन्य आवश्यक संसाधन शामिल हैं।




नेजातियन ने कहा कि यह बदलाव कर्मचारियों के लिए कठिन समय है और कंपनी इस दौरान हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की कारोबारी रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और ओपनडोर की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है।




यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की बड़ी तकनीकी कंपनियां एआई आधारित प्रणालियों को तेजी से अपना रही हैं, जिससे कार्य करने के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल के महीनों में कई वैश्विक कंपनियों ने कार्यबल में कटौती की है और कुछ जिम्मेदारियों को स्वचालित प्रणालियों के हवाले किया है।




रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में दुनिया भर की 95 तकनीकी कंपनियों ने 73,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग ने रोजगार बाजार की संरचना को बदलना शुरू कर दिया है।




अमेरिका में घरेलू रोजगार को प्राथमिकता देने की नीति भी कई कंपनियों के निर्णयों को प्रभावित कर रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की "मेक अमेरिका ग्रेट अगेन" नीति के तहत अमेरिकी कंपनियों पर स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने का दबाव बना हुआ है।




इस प्रकार, ओपनडोर का भारत से ऑपरेशन बंद करने का निर्णय केवल एक कंपनी का निर्णय नहीं है, बल्कि इसे वैश्विक तकनीकी उद्योग में बदलती प्राथमिकताओं, एआई के बढ़ते प्रभाव और स्थानीय रोजगार नीतियों के व्यापक असर के रूप में देखा जा रहा है।