कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: 83.88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते का प्रभाव
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
बिजनेस डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त होने की घोषणा के बाद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.45 डॉलर घटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इसी तरह, अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 3.95 डॉलर की गिरावट के साथ 80.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में इस गिरावट के चलते पेट्रोल और डीजल के दामों में भी कमी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान के चलते तेल बाजार को स्थिर होने में कुछ समय लगेगा। संघर्ष के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई थी, जिससे पेट्रोल और अन्य उत्पादों की लागत में वृद्धि हुई थी।
शेयर बाजार में तेजी का रुख
रविवार को अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने और स्थायी शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। इसके परिणामस्वरूप, सोमवार को भारत सहित एशिया के सभी शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। पिछले तीन महीनों से अधिक समय से दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध ने न केवल पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाया था, बल्कि पूरी दुनिया को भी प्रभावित किया था। विशेष रूप से एशियाई देशों में जहां एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की भारी कमी महसूस की जा रही थी।
जापान के निक्केई में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। भारतीय शेयर बाजार में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का निफ्टी 1080 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 330 अंकों की तेजी के साथ शुरू हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में, जिन कंपनियों के शेयरों में अधिक तेजी देखी गई, उनमें इंडिगो, इटरनल, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स शामिल हैं। निफ्टी में जिन कंपनियों के शेयर हरे निशान पर रहे, उनमें श्री राम फाइनेंस, इंडिगो, ईटरनल, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) शीर्ष पांच में शामिल रहे।