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कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती, छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत

जुलाई में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपये की कमी आई है, जिससे होटल और रेस्तरां उद्योग को राहत मिलेगी। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हैं, जबकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अपरिवर्तित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कटौती छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए परिचालन लागत को कम करने में मदद करेगी। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को अभी राहत का इंतजार करना होगा।
 

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी

जुलाई का महीना होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों के लिए राहत लेकर आया है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कमी की है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। हालांकि, घरेलू उपयोग के लिए 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


एलपीजी की कीमतों की मासिक समीक्षा

हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस बार कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में कमी से होटल, रेस्तरां, ढाबा, बेकरी, खानपान सेवाओं और अन्य खाद्य व्यवसायों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ महीनों से इन व्यवसायों को लगातार बढ़ती गैस कीमतों का सामना करना पड़ रहा था।


नई दरें और वैश्विक बाजार का प्रभाव

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,930 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि पहले इसकी कीमत 3,113.50 रुपये थी। यह वर्ष 2026 में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में पहली महत्वपूर्ण कटौती मानी जा रही है।


वैश्विक कीमतों में वृद्धि का असर

हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आपूर्ति की अनिश्चितता के कारण एलपीजी की वैश्विक कीमतों में वृद्धि हुई थी। इसका सीधा असर भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों पर पड़ा था। विशेष रूप से मई में कारोबारियों को सबसे अधिक मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ा था।


कमर्शियल गैस की कीमतों में कमी का कारण

अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में कुछ नरमी आने के बाद कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी के दाम घटाने का निर्णय लिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कीमतें अभी भी वर्ष की शुरुआत से पहले के स्तर की तुलना में अधिक हैं।


घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई राहत नहीं

इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई राहत नहीं मिली है। देशभर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही बनी रहेंगी। घरेलू गैस की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि सरकार की सब्सिडी और मूल्य निर्धारण नीति का भी उन पर असर पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने के बावजूद घरेलू सिलेंडर के दाम तुरंत कम नहीं होते हैं।


पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कमी

इस बीच, निजी क्षेत्र की ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कटौती की है। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर कम करने का निर्णय लिया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण उठाया गया है।


रेस्तरां उद्योग की प्रतिक्रिया

रेस्तरां उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने कमर्शियल गैस की कीमतों में कमी का स्वागत किया है। ग्रैमी के संस्थापक तनवीर क्वात्रा का कहना है कि पिछले कई महीनों से रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों के कारण कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव था। खाद्य कारोबार बेहद प्रतिस्पर्धी और मूल्य संवेदनशील होता है, इसलिए बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालना संभव नहीं होता। गैस की कीमतों में यह कटौती उद्योग के लिए राहत देने वाली साबित होगी।


छोटे कारोबारियों के लिए संभावित लाभ

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी से छोटे और मध्यम कारोबारियों की परिचालन लागत कम होने की संभावना है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस के दाम घटने के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और सरकारी नीतियों के आधार पर घरेलू एलपीजी की कीमतों में बदलाव की संभावना पर नजर बनी रहेगी।