×

कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव: तांबे और एल्युमिनियम की कीमतों में वृद्धि

कमोडिटी बाजार में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण तांबे और एल्युमिनियम की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एल्युमिनियम की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि तांबे की मांग वैश्विक स्तर पर मजबूत बनी हुई है। जानिए इस स्थिति का बाजार पर क्या असर पड़ सकता है और आगे की संभावनाएं क्या हैं।
 

कमोडिटी बाजार में हालात


कमोडिटी की कीमतें: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण कमोडिटी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दोनों देशों के बीच हो रहे मिसाइल हमलों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से एल्युमिनियम उत्पादन से जुड़े प्लांट्स की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस स्थिति में सोने, चांदी और तांबे की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जबकि एल्युमिनियम की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।


31 मार्च को तांबे और एल्युमिनियम की कीमतें:
कॉमेक्स पर तांबे की कीमत 0.17 की वृद्धि के साथ $5.5115 प्रति पाउंड हो गई।
एल्युमिनियम की कीमत 1.49% की वृद्धि के बाद $3,384.25 प्रति टन पर पहुंच गई।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक स्तर पर एल्युमिनियम की सप्लाई प्रभावित हुई है।
दुनिया में एल्युमिनियम उत्पादन का 10% गल्फ क्षेत्र से आता है।
इस समय न केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से, बल्कि एल्युमिनियम उत्पादन से जुड़े प्लांट्स पर मिसाइल हमलों के कारण भी सप्लाई बाधित हुई है।


तांबे की कीमतों की बात करें तो इसकी मांग वैश्विक स्तर पर मजबूत बनी हुई है, लेकिन मैक्रोइकोनॉमिक कारकों के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा था। हालांकि, आज कीमतों में तेजी लौटती दिखाई दे रही है। मिडिल ईस्ट के तनाव ने एल्युमिनियम को बढ़ावा दिया है, लेकिन तांबे में अस्थिरता बनी हुई है।


यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो एल्युमिनियम की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिससे कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। तांबे की कीमतों में भले ही एल्युमिनियम की तुलना में कम तेजी देखी जा रही हो, लेकिन दीर्घकालिक में तांबे में भी तेजी की उम्मीद है।


कॉपर एक महत्वपूर्ण धातु है, जिसका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे कि बिजली और निर्माण। बाजार के विशेषज्ञ दीर्घकालिक में तांबे की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद जता रहे हैं।