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कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज का भुगतान 15 जुलाई तक होगा

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर ब्याज का भुगतान 15 जुलाई तक किया जाएगा। इस बार लगभग 34 करोड़ खातों में 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी। नए सिस्टम के तहत ब्याज की गणना स्वचालित होगी, जिससे प्रक्रिया तेज होगी। इसके अलावा, पीएफ क्लेम में सुधार के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिससे सदस्यों को आसानी होगी। जानें इस नई प्रक्रिया के बारे में और कैसे यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
 

नई दिल्ली में श्रम मंत्री का महत्वपूर्ण ऐलान


नई दिल्ली: केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के ब्याज का भुगतान 15 जुलाई तक सभी सदस्यों के खातों में किया जाएगा। इस बार लगभग 34 करोड़ पीएफ खातों में कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 8.25% की ब्याज दर को मंजूरी दी है।


ब्याज की गणना अब होगी स्वचालित

श्रम मंत्री ने बताया कि ईपीएफओ का नया सिस्टम अब ब्याज की गणना अपने आप करेगा, जिसके बाद अधिकारी इसकी जांच कर सदस्यों के खातों में राशि जमा करेंगे। सभी खाताधारक 15 जुलाई तक अपने ईपीएफ पासबुक में ब्याज की राशि देख सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर तक पूरी होती थी।


सभी डेटा एकत्रित किया गया

केंद्रीय श्रम मंत्री ने 'सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज' प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए बताया कि अब ईपीएफओ के सभी सदस्यों का रिकॉर्ड एक ही केंद्रीय डेटाबेस में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसका मुख्य लाभ यह है कि देश का कोई भी पीएफ खाताधारक भारत के किसी भी अधिकृत ईपीएफओ कार्यालय से अपनी सेवाएं प्राप्त कर सकेगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और सरल हो जाएगी।


पीएफ क्लेम में कमी आएगी

नए सिस्टम के तहत, जब भी कोई सदस्य पैसे निकालने के लिए आवेदन करेगा, तो अधिकारियों के पास जाने से पहले उसकी स्वचालित जांच होगी। यदि फॉर्म में कोई गलती या अधूरी जानकारी होगी, तो सदस्य को पहले ही इसकी सूचना दी जाएगी। इससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना कम हो जाएगी और पहली बार में ही फॉर्म पास होने की संभावना बढ़ जाएगी। इसके अलावा, सदस्य क्लेम फॉर्म जमा करने से पहले यह देख सकेंगे कि वे विभिन्न विकल्पों के तहत कितनी राशि निकालने के योग्य हैं। इससे उन्हें सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।


पैसे निकालने के नियमों में बदलाव

सरकार ने पीएफ खाते से आंशिक रूप से एडवांस निकालने के नियमों को भी सरल बना दिया है। अब इन्हें तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:



  • जरूरी आवश्यकताएं- जैसे चिकित्सा, शिक्षा या विवाह।

  • आवास संबंधी आवश्यकताएं- जैसे घर बनाना या खरीदना।

  • विशेष परिस्थितियां।


संशोधित नियमों के अनुसार, सदस्य अपनी पात्रता के आधार पर अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा एडवांस के रूप में निकाल सकते हैं।