कीमती धातुओं के बाजार में गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी
कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव
कीमती धातुओं के बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट का सीधा असर गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ पर पड़ा है। बुधवार की सुबह, अधिकांश सिल्वर ईटीएफ में लगभग 4 प्रतिशत की कमी देखी गई, जबकि गोल्ड ईटीएफ भी दबाव में रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलते संकेत और डॉलर की मजबूती ने इस गिरावट को और बढ़ावा दिया है।
सिल्वर ईटीएफ में गिरावट
बाजार खुलते ही सिल्वर आधारित ईटीएफ में भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ, एसबीआई सिल्वर ईटीएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ और टाटा सिल्वर ईटीएफ में लगभग 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई। निवेशकों ने चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट को देखते हुए मुनाफावसूली की, जिससे इन फंड्स का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। हाल के दिनों में चांदी में तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है।
गोल्ड ईटीएफ पर दबाव
सोने से जुड़े ईटीएफ भी बाजार की कमजोरी से अछूते नहीं रहे। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ, निप्पॉन इंडिया गोल्ड बीईईएस और टाटा गोल्ड ईटीएफ में करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर सोने के अगस्त वायदा भाव में कमजोरी आई। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद कुछ रिकवरी हुई, लेकिन कीमतें अभी भी पिछले सप्ताह के स्तर से नीचे बनी हुई हैं। इससे गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का रुझान कमजोर दिखाई दे रहा है।
चांदी में भारी उतार-चढ़ाव
चांदी के वायदा कारोबार में दिन की शुरुआत काफी अस्थिर रही। जुलाई अनुबंध शुरुआती कारोबार में लगभग 3,000 रुपये तक टूट गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसमें सुधार भी देखने को मिला। इसके बावजूद, सप्ताह के पहले चार कारोबारी दिनों में चांदी की कीमतों में लगभग 17,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। इस बड़े उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ इसे वैश्विक बाजारों में बदलते संकेतों और मांग संबंधी चिंताओं से जोड़कर देख रहे हैं।
वैश्विक संकेतों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अटकलों ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। निवेशकों का मानना है कि यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाता है, तो सोने जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश साधनों की आकर्षण क्षमता कम हो सकती है। दूसरी ओर, शेयर बाजार में मजबूती बनी हुई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों का झुकाव फिलहाल इक्विटी बाजार की ओर अधिक नजर आ रहा है।