केंद्र का इंडक्शन चूल्हों पर जीएसटी घटाने का प्रस्ताव
पश्चिम एशिया संकट के बीच इंडक्शन चूल्हों की बढ़ती मांग
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण गैस की कमी से निपटने में इंडक्शन चूल्हे का योगदान
जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की, तो ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का आदेश दिया। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई, जिसमें भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति भी शामिल थी।
इस संकट के दौरान, इंडक्शन चूल्हे ने लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प प्रदान किया। एलपीजी के विकल्प के रूप में इसका उपयोग बढ़ा, और अब सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इन चूल्हों पर सीमा शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रही है।
जीएसटी दर में संभावित कमी
एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इंडक्शन चूल्हों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की सिफारिश की है। यह कदम मांग-आपूर्ति की चुनौतियों का सामना करने और कीमतों को स्थिर करने के लिए उठाया जा रहा है।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर इस पर चर्चा की है।
डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव निधि केसरवानी ने बताया कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में तेजी आई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण तेल की कीमतें लगभग 2 प्रतिशत बढ़ गई हैं।
अमेरिका द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बावजूद, निवेशकों की चिंताएं कम नहीं हुई हैं। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 97.6 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।