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केंद्र सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG पर पाबंदियां हटाईं

केंद्र सरकार ने व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की आपूर्ति पर सभी पाबंदियां हटा दी हैं। इस निर्णय से होटल, रेस्तरां और उद्योगों को राहत मिलेगी, जिससे खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी आ सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने अमेरिका-ईरान तनाव में कमी के चलते यह कदम उठाया है। अब सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
 

नॉन-डोमेस्टिक LPG की आपूर्ति पर पाबंदियों का अंत

केंद्र सरकार ने व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की आपूर्ति पर सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं। अब ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) इसे सामान्य स्तर पर उपलब्ध कराएंगी, जैसा कि युद्ध से पहले था। इस राहत की लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी, क्योंकि पाबंदियों के कारण महंगाई में अचानक वृद्धि हुई थी.


पेट्रोलियम मंत्रालय का निर्णय

पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय गुरुवार को लिया। मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव में कमी और LPG की आपूर्ति में सुधार के चलते यह कदम उठाया गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि पश्चिम एशिया में तनाव समाप्त होगा और वैश्विक बाजार सामान्य स्थिति में लौटेगा.


फैसले का प्रभाव

इस निर्णय से होटल, रेस्तरां और औद्योगिक क्षेत्र को काफी राहत मिलेगी। खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी आ सकती है। सरकार ने बल्क LPG की आपूर्ति को आंशिक रूप से फिर से शुरू कर दिया है, जिससे व्यावसायिक और औद्योगिक ग्राहकों को पहले के स्तर का 50 प्रतिशत बल्क LPG उपलब्ध होगा। इससे उद्योगों को सामान्य गति से काम करने में मदद मिलेगी.


पाबंदियों का कारण

अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले के बाद, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था, जिससे भारत में LPG आयात प्रभावित हुआ। घरेलू रसोई गैस की कमी से बचने के लिए, सरकार ने व्यावसायिक LPG की आपूर्ति को कम कर दिया था और कुछ गैसों (C3-C4) का उपयोग केवल LPG उत्पादन के लिए करने का आदेश दिया था.


भविष्य की रणनीति

सरकार अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। जो उपभोक्ता पहले से ही PNG पर स्विच कर चुके हैं, वे उसी पर बने रहेंगे। जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां धीरे-धीरे अन्य उपभोक्ताओं को भी PNG पर लाया जाएगा.


पेट्रोलियम सचिव का बयान

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नई व्यवस्थाओं को लागू करने का निर्देश दिया है। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा सुरक्षा में मजबूती आएगी। इस फैसले का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे.