केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट: क्या बढ़ेगा बेसिक पे 18000 से 69000 रुपये तक?
8वें वेतन आयोग की चर्चा
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग के संबंध में चर्चाएँ बढ़ती जा रही हैं। आयोग ने पिछले 9 महीनों में विभिन्न संगठनों के साथ संवाद किया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट कब प्रस्तुत करेगा और बेसिक पे में कितनी वृद्धि होगी।
रिपोर्ट की समयसीमा
8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था। आयोग को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए मई 2027 तक का समय दिया गया है, यानी अभी लगभग 9 महीने शेष हैं। सरकार ने मानसून सत्र में संसद को बताया कि आयोग को सभी जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है।
अब तक फिटमेंट फैक्टर या बेसिक पे के संबंध में कोई सिफारिश सरकार को प्राप्त नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि आयोग समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। आयोग लगातार बैठकें कर रहा है, जिसमें हाल ही में 8 और 10 अगस्त को दिल्ली में बैठक हुई थी। अगली बैठक 31 अगस्त को जयपुर में आयोजित की जाएगी।
क्या बेसिक पे 18000 से 69000 रुपये होगा?
दिल्ली की बैठक में कुछ कर्मचारी संगठनों ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने न्यूनतम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69000 रुपये करने की मांग की है, जिसके लिए फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने का सुझाव दिया गया है।
यदि आयोग इस मांग को स्वीकार करता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में काफी वृद्धि हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी वृद्धि की संभावना कम है।
पिछले वेतन आयोगों की जानकारी
पहला वेतन आयोग 1946 में लागू हुआ था, जब न्यूनतम बेसिक पे 55 रुपये और अधिकतम 2000 रुपये था। दूसरा वेतन आयोग 1959 में आया, जिसमें न्यूनतम बेसिक पे 80 रुपये था। तीसरा आयोग 1973 में लागू हुआ और न्यूनतम पे 196 रुपये हो गया।
सातवें वेतन आयोग में यह बढ़कर 18000 रुपये तक पहुंच गया। हर नए आयोग के साथ बेसिक पे और महंगाई भत्ते में वृद्धि होती रही है, जिससे इस बार भी कर्मचारियों को अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में आयोग फीडबैक ले रहा है और सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और भत्तों पर संगठनों की राय सुनी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।
कर्मचारियों की नजर अब जयपुर में 31 अगस्त को होने वाली बैठक और 2027 की रिपोर्ट पर है। तब तक अटकलें जारी रहेंगी, लेकिन 69000 रुपये की मांग पर अंतिम निर्णय आयोग ही करेगा।