केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की संभावित सिफारिशें
नई दिल्ली में वेतन आयोग पर चर्चा
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग के संबंध में चर्चाएं बढ़ गई हैं। विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संघ लगातार बैठकें कर रहे हैं और सरकार के समक्ष अपनी मांगें प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई को ध्यान में रखते हुए वेतन, भत्तों और पेंशन के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने चाहिए। यदि इन मांगों को स्वीकार कर लिया जाता है, तो सरकारी कर्मचारियों की मूल वेतन में 65% तक की वृद्धि संभव है, जिससे विशेष रूप से प्रारंभिक स्तर के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में काफी इजाफा होगा।
सैलरी वृद्धि के कारण और प्रस्ताव
परिवार के सदस्यों की संख्या में बदलाव का प्रस्ताव- वर्तमान में सैलरी और भत्तों की गणना के लिए परिवार में 3 सदस्यों को मान्यता दी जाती है। लेकिन ऑल इंडिया नेशनल प्रोग्रेसिव स्टाफ एम्प्लॉइज फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि इसमें आश्रित माता-पिता को शामिल किया जाए, जिससे परिवार की यूनिट 4.4 हो जाएगी। इससे 'फिटमेंट फैक्टर' 2.05 से बढ़कर 2.10 हो जाएगा, जिससे मूल वेतन अपने आप बढ़ जाएगा।
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में वृद्धि की मांग- शहरी क्षेत्रों में बढ़ते किराए को देखते हुए संगठनों ने HRA बढ़ाने की मांग की है।
- X श्रेणी (बड़े शहर) के लिए 36% HRA की मांग
- Y श्रेणी (मझोले शहर) के लिए 24% HRA की मांग
- Z श्रेणी (छोटे शहर) के लिए 12% HRA की मांग
- यात्रा भत्ते को तीन गुना करने की योजना
कर्मचारियों का कहना है कि महानगरों में यात्रा का खर्च बहुत बढ़ गया है, इसलिए मौजूदा यात्रा भत्ता अपर्याप्त है। प्रस्ताव में कहा गया है कि लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ता कम से कम 9,000 रुपये तय किया जाए या इसे मौजूदा दर से तीन गुना बढ़ाया जाए।
बेसिक वेतन में महंगाई भत्ते का समावेश
एक महत्वपूर्ण मांग यह भी है कि जब महंगाई भत्ता (DA) 25% तक पहुंच जाए, तो इसे मूल वेतन में समाहित कर दिया जाए। इससे भविष्य में वेतन संशोधन और पेंशन की गणना के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।
नई सैलरी का अनुमान
वर्तमान में एक्स-कैटेगरी के शहर में लेवल-1 के एक कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी लगभग 37,080 रुपये है। यदि नए प्रस्ताव के अनुसार 2.10 फिटमेंट फैक्टर, 36% HRA, 9,000 रुपये यात्रा भत्ता और नए बेसिक पर 2% DA को मान लिया जाए, तो यह सैलरी बढ़कर लगभग 61,344 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब है कि सीधे तौर पर लगभग 65% की वृद्धि होगी।
हालांकि, ये सभी आंकड़े और बातें अभी केवल कर्मचारी संगठनों की मांगें और सिफारिशें हैं। सरकार ने इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार भत्तों और वेतन संरचना पर अंतिम निर्णय लेगी। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो देश के 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।