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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आधारभूत ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के आधारभूत ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों में वाराणसी में संपर्क गलियारे का निर्माण, चिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सेमिकॉन 2.0 मिशन, और मोबाइल फोन निर्माण योजना का विस्तार शामिल है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई यूरिया नीति को भी मंजूरी दी गई है। इन सभी योजनाओं का उद्देश्य देश में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।
 

केंद्रीय मंत्रिमंडल के नए निर्णय

देश के आधारभूत ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात महत्वपूर्ण निर्णयों को स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी साझा की। इन योजनाओं पर कुल 2 लाख 19 हजार 353 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की उम्मीद है, जिससे देश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।


वाराणसी में आधारभूत ढांचे का विकास

मंत्रिमंडल के पहले दो निर्णय उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आधारभूत ढांचे के विकास से संबंधित हैं। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने के लिए 46.039 किलोमीटर लंबे संपर्क गलियारे के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में यातायात के दबाव को कम करना और गंगा तट के किनारे बेहतर संपर्क स्थापित करना है।


महत्वपूर्ण निर्माण कार्य

इस परियोजना में छह लेन का ऊंचा मार्ग, आधुनिक केबल आधारित पुल, पैदल पुल, संपर्क मार्ग, सेवा मार्ग, रैंप और लूप का निर्माण किया जाएगा। इसे संकर वार्षिकी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, और इसकी कुल लागत 14 हजार 447.64 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, वरुणा नदी के किनारे छह और चार लेन वाले ऊंचे मार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 10 हजार 998.32 करोड़ रुपये है।


चिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा

सरकार ने देश में चिप निर्माण उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिकॉन 2.0 मिशन को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 1.27 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे भारत वैश्विक चिप निर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा और आधुनिक तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएगा।


मोबाइल फोन निर्माण योजना

मोबाइल फोन निर्माण योजना के दूसरे चरण को भी स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए 62 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य देश में मोबाइल निर्माण को बढ़ावा देना, निर्यात को बढ़ाना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।


कृषि क्षेत्र में सुधार

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत देश में नौ नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे एक करोड़ टन अतिरिक्त यूरिया उत्पादन क्षमता विकसित होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।


रेलवे क्षेत्र में विकास

रेलवे क्षेत्र में भी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें पारादीप-हरिदासपुर रेलखंड की दोहरीकरण परियोजना शामिल है, जिस पर 2 हजार 542 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, डांगोआपोसी और राजखरसावां के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत 1 हजार 365 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।


आर्थिक विकास की दिशा में कदम

सरकार का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं से आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होगी, कृषि क्षेत्र को लाभ होगा और रेलवे नेटवर्क अधिक सक्षम बनेगा। इसके साथ ही, ये निर्णय देश में निवेश आकर्षित करने, नए रोजगार के अवसर पैदा करने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।