कोल इंडिया का पूंजीगत व्यय 27% बढ़ा, 7,966 करोड़ रुपये तक पहुंचा
कोल इंडिया का वित्तीय प्रदर्शन
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), जो एक सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला उत्पादक कंपनी है, ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अपने पूंजीगत व्यय में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा 7,966 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 6,283 करोड़ रुपये था। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि इस वृद्धि का मुख्य कारण खदानों का आधुनिकीकरण, उत्पादन क्षमता का विस्तार और देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोयले की निकासी से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इस अवधि में व्यय 7,286 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक रहा, जिससे कंपनी ने पहली छमाही के लिए निर्धारित खर्च का 109 प्रतिशत हासिल किया। यह सालाना 16,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय लक्ष्य का 48 प्रतिशत से अधिक है।
बुनियादी ढांचे में निवेश
सीआईएल का बढ़ा हुआ पूंजीगत व्यय खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, भूमि अधिग्रहण, भारी मशीनरी की खरीद और विविधीकरण परियोजनाओं में प्रगति को दर्शाता है। कंपनी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में खदानों के बुनियादी ढांचे का विकास निवेश का सबसे बड़ा क्षेत्र रहा, जिसमें 2,152 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा, भूमि अधिग्रहण पर भी 2,033 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। खनन परियोजनाओं के विस्तार और उन्हें परिचालन के लिए तैयार करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।
संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश
कंपनी ने बताया कि संयंत्र एवं मशीनरी (पीएंडएम) श्रेणी के तहत पूंजीगत व्यय 1,394 करोड़ रुपये रहा, जिसमें हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम), कोयला धुलाई संयंत्रों और अन्य मशीनरी पर निवेश शामिल है। खनन कार्यों को मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए एचईएमएम की खरीद पर 452 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
विविधीकरण कार्यक्रम
कोल इंडिया ने अपने विविधीकरण कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया है। कंपनी ने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, कोयला गैसीकरण और ताप विद्युत उत्पादन जैसी विभिन्न परियोजनाओं पर 739 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में खदानों के बुनियादी ढांचे का विकास, संयंत्र एवं मशीनरी, भूमि अधिग्रहण और विविधीकरण सीआईएल के पूंजीगत व्यय का प्रमुख हिस्सा रहे, जिन पर कुल पूंजीगत व्यय का 79 प्रतिशत से अधिक खर्च किया गया।
भविष्य की संभावनाएं
कंपनी ने कहा कि इन निवेशों से उसकी परिचालन क्षमताओं में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे चालू वित्त वर्ष के लिए उत्पादन एवं आपूर्ति लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। कोल इंडिया देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान करती है।