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कोलकाता में पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल की खुले में बिक्री पर रोक

कोलकाता पुलिस ने आग और जनसुरक्षा के खतरे को देखते हुए खुले बाजारों और सड़क किनारे की दुकानों पर पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल की बिक्री पर रोक लगा दी है। यह आदेश 20 अगस्त से लागू होगा और 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा। पुलिस आयुक्त ने ईंधन भरने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें केवल अधिकृत मशीनों का उपयोग करने की बात कही गई है। जानें इस आदेश के पीछे के कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
 

कोलकाता पुलिस का नया आदेश

कोलकाता पुलिस ने आग और जनसुरक्षा के खतरे को ध्यान में रखते हुए खुले बाजारों और सड़क किनारे की दुकानों पर पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश पुलिस आयुक्त अजय नंद द्वारा कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में जारी किया गया है। यह नियम 20 अगस्त से प्रभावी होगा और 60 दिनों तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा.


ईंधन भरने के लिए नए दिशा-निर्देश

आयुक्त नंद ने पेट्रोल पंपों और लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे ईंधन केवल अधिकृत मशीनों के माध्यम से सीधे वाहनों की टंकियों में भरें। इसके साथ ही, बोतल, जार, प्लास्टिक के डिब्बे, ड्रम और जेरी कैन में ईंधन भरने पर भी पाबंदी लगाई गई है। हालांकि, विशेष अनुमति प्राप्त मामलों में आवश्यक सत्यापन के बाद ऐसी बिक्री की जा सकेगी.


सुरक्षा मानकों का उल्लंघन

आदेश के अनुसार, पुलिस को ऐसे मामलों की जानकारी मिली है, जहां सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए खुले बाजारों, सड़क किनारे की दुकानों और अनधिकृत कंटेनरों के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की जा रही थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन पाबंदियों का उद्देश्य आग लगने के खतरे और पेट्रोलियम उत्पादों के दुरुपयोग को रोकना है, खासकर जब उन्हें अधिकृत परिसरों के बाहर रखा या इस्तेमाल किया जाता है. अधिकारी ने कहा, 'इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और रखरखाव निर्धारित सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों के अनुसार ही हो.'