क्या UPI लेनदेन पर नया चार्ज कैश की वापसी का कारण बनेगा?
UPI लेनदेन पर नया चार्ज
नई दिल्ली: डिजिटल भुगतान के इस युग में, कैश का उपयोग एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, और इसका कारण केंद्र सरकार का हालिया निर्णय है। सरकार ने घोषणा की है कि 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा। हालांकि यह नियम अभी लागू नहीं हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव बाजार में पहले से ही महसूस किया जा रहा है।
पेट्रोल पंपों पर कैश का बढ़ता चलन
इस निर्णय के कारण दुकानदारों और व्यापारियों में मुनाफा घटने की चिंता बढ़ गई है, वहीं पेट्रोल पंपों पर स्थिति अलग है। राजस्थान के अलवर से मिली रिपोर्ट के अनुसार, कई पेट्रोल पंपों ने कैश भुगतान के लिए पोस्टर लगा दिए हैं। यहां ग्राहकों को स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि वे 2000 रुपये से अधिक का ऑनलाइन भुगतान न करें। इस प्रकार, पेट्रोल पंपों पर कैश का चलन फिर से लौटता नजर आ रहा है।
कैश पेमेंट के पोस्टर क्यों?
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि भले ही नया टैक्स नियम अक्टूबर से लागू होगा, लेकिन इसकी जानकारी मिलते ही ग्राहक पहले से ही अधिक राशि के UPI भुगतान से बचने लगे हैं। संचालकों के अनुसार, वे अभी भी UPI भुगतान स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन नए नियम को लेकर ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
स्पष्ट निर्देशों की कमी
पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि उन्हें UPI MDR के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं, फिर भी कुछ पंपों ने पहले से ही कैश भुगतान लेना शुरू कर दिया है। ग्राहकों का कहना है कि उन्हें इस नए नियम के बारे में सही जानकारी नहीं मिल रही है। इसी कारण लोग 2000 रुपये से अधिक का एक बार में ऑनलाइन भुगतान करने से बच रहे हैं, और यदि बड़ी राशि चुकानी होती है, तो वे इसे छोटे हिस्सों में बांटकर भुगतान कर रहे हैं।
सरकार से पुनर्विचार की अपील
आम जनता का मानना है कि यदि व्यापारियों पर इस टैक्स का बोझ बढ़ता है, तो इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। उनका कहना है कि इससे रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसलिए, लोगों की मांग है कि सरकार को इस तरह अचानक टैक्स लागू करने के बजाय इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
UPI MDR चार्ज का विवरण
NPCI के सर्कुलर के अनुसार, नया UPI MDR चार्ज केवल 4 प्रतिशत बड़े व्यापारियों पर लागू होगा, जबकि 96 प्रतिशत छोटे व्यापारी इससे प्रभावित नहीं होंगे। इन बड़े व्यापारियों से भी 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर अधिकतम 300 रुपये तक ही MDR लिया जाएगा। इसका मतलब है कि छोटे कारोबारी, जो 1 लाख रुपये महीने कमाते हैं या 2000 रुपये तक के लेनदेन करते हैं, पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पेट्रोल पंपों के लिए विशेष नियम
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पेट्रोल पंपों के लिए यह चार्ज सामान्य 0.4 प्रतिशत की दर से नहीं, बल्कि फ्लैट-रेट मॉडल के तहत लिया जाएगा। इसका अर्थ है कि 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर पेट्रोल पंपों को केवल 5 रुपये का MDR देना होगा, चाहे तेल की कीमत कितनी भी हो। सरकार का उद्देश्य इस फ्लैट रेट के माध्यम से रिटेल विक्रेताओं के लिए डिजिटल भुगतान को सस्ता और सरल बनाना है।