क्या कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत में ईंधन की कीमतें कम होंगी?
नई दिल्ली में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार कमी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति सामान्य होने से तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसका प्रभाव वैश्विक बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव में कमी और तेल टैंकरों की आवाजाही में वृद्धि से बाजार में विश्वास लौट आया है। इसके अलावा, कई उत्पादक देशों से अतिरिक्त आपूर्ति की संभावना भी जताई जा रही है। यही कारण है कि ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों की कीमतों में लगातार नरमी बनी हुई है।
मई में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत दिखाई दे रही है, भारत में मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार वृद्धि की गई थी। चुनावी प्रक्रिया के बाद, तेल कंपनियों ने कुछ ही दिनों में कई चरणों में दाम बढ़ाए थे। इसके बाद से कीमतों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल की वर्तमान कीमतें
25 जून को जारी नए रेट के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में यह 111.21 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 113.47 रुपये, चेन्नई में 107.76 रुपये, हैदराबाद में 115.73 रुपये और बेंगलुरु में 110.93 रुपये प्रति लीटर है।
डीजल की कीमतें स्थिर
डीजल की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में यह 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये, कोलकाता में 99.82 रुपये, चेन्नई में 99.55 रुपये और हैदराबाद में 103.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का यह ट्रेंड जारी रहता है और वैश्विक आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो भविष्य में घरेलू ईंधन की कीमतों पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर ध्यान दे रही हैं।