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क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलेगी? जानें नायरा एनर्जी के नए दाम

2 जुलाई को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये की कटौती की है। सरकारी कंपनियों ने अभी तक कीमतें नहीं बदली हैं। एटीएफ और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में भी कमी आई है। जानें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का क्या असर होगा।
 

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता


नई दिल्ली: 2 जुलाई को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हुआ है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी और पश्चिम एशिया में तनाव में कमी के चलते विमान ईंधन (ATF) और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में राहत दी गई है। इसी बीच, निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाकर ग्राहकों को बड़ी राहत प्रदान की है।


नायरा एनर्जी द्वारा दामों में कटौती

नायरा एनर्जी ने बुधवार को पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। यह कटौती कंपनी के लगभग 7,000 पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई है। पिछले दो वर्षों में किसी बड़े निजी ईंधन विक्रेता द्वारा की गई यह पहली महत्वपूर्ण कटौती मानी जा रही है।


सरकारी कंपनियों की स्थिति

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अन्य प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम पहले की तरह बने हुए हैं।


एटीएफ और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कमी

तेल कंपनियों ने लगभग चार महीने बाद एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इसके साथ ही, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कमी की गई है, जिससे अब यह सिलेंडर लगभग 2,930 रुपये में उपलब्ध होगा। 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी 13 रुपये कम हुई है।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार तीसरे दिन गिर रही हैं। इसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी और होरमुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति का सामान्य होना है। इससे वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता आई है और कीमतों पर दबाव कम हुआ है।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह कम बनी रहती हैं, तो भारतीय उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है।