×

क्या भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी? जानें अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। 25 मई के बाद से देश में ईंधन की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल की कीमतें क्रमशः 102.12 और 111.21 रुपये प्रति लीटर हैं। अन्य प्रमुख शहरों में भी कीमतें समान स्तर पर हैं। जानें क्या भारतीय तेल कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव बनेगा।
 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल


नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। लाल सागर में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर किए गए हमलों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को संकट में डाल दिया है। इस कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 95.74 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 88.06 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।


भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर

25 मई के बाद से दाम नहीं बदले


वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लंबे समय से स्थिर हैं। भारत में आखिरी बार 25 मई को ईंधन की दरों में बदलाव किया गया था, जब सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। तब से अब तक, घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं।


दिल्ली और मुंबई में ईंधन की कीमतें

दिल्ली और मुंबई में मौजूदा दरें


दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है।


अन्य प्रमुख शहरों में ईंधन की दरें

कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और पटना में कीमतें


कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर है। पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.30 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।


भारतीय तेल कंपनियों पर संभावित दबाव

क्या कीमतें बढ़ेंगी?


एएनजेड ग्रुप होल्डिंग्स के कमोडिटी रणनीतिकार डैनियल हाइन्स के अनुसार, समुद्री मार्गों में रुकावट से तेल की किल्लत और बढ़ सकती है। हालांकि, भारत में पेट्रोलियम कंपनियों ने अभी तक कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार बनी रहती हैं, तो भारतीय तेल विपणन कंपनियों पर कीमतें संशोधित करने का दबाव बढ़ सकता है।