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क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें जल्द होंगी कम? जानें ताजा हालात

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद, भारत को राहत मिलने की उम्मीद है। जानें प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें और क्या उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलेगी।
 

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता


नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद, भारतीय तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोला गया है। इस भू-राजनीतिक बदलाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, घरेलू स्तर पर उपभोक्ताओं को अभी भी कीमतों में कमी का इंतजार है, क्योंकि प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।


प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें

आज देश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल की कीमतें पूर्ववत बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल का मूल्य 102.12 रुपये प्रति लीटर है। आर्थिक राजधानी मुंबई में यह 111.18 रुपये, कोलकाता में 113.51 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये, लखनऊ में 101.89 रुपये, और बिहार की राजधानी पटना में यह 113.46 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। अन्य शहरों में, गुरुग्राम में पेट्रोल 103.17 रुपये, बेंगलुरू में 110.93 रुपये, भुवनेश्वर में 108.81 रुपये, चंडीगढ़ में 101.54 रुपये, हैदराबाद में 115.73 रुपये, जयपुर में 112.66 रुपये और तिरुअनंतपुरम् में 115.49 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।


डीजल की कीमतों का हाल

डीजल की कीमतों पर नजर डालें तो नई दिल्ली में आज डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, गुरुग्राम में डीजल 95.83 रुपये, नोएडा में 95.56 रुपये, बेंगलुरू में 98.80 रुपये, भुवनेश्वर में 100.52 रुपये, चंडीगढ़ में 89.47 रुपये, हैदराबाद में 103.82 रुपये, जयपुर में 97.78 रुपये, लखनऊ में 95.36 रुपये, पटना में 99.47 रुपये और तिरुअनंतपुरम् में 104.40 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर है।


महंगाई का झटका और कीमतों में वृद्धि

हालांकि हाल के दिनों में तेल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है, मई में आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा था। मई के दौरान देश में चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। घरेलू स्तर पर कीमतों में पहली बढ़ोतरी 15 मई को की गई थी, जब सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ था। इसके बाद तीन और चरणों में दाम बढ़ाए गए, जिससे कुल मिलाकर ईंधन की कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हुई थी। यह ध्यान देने योग्य है कि लगभग 4 साल के लंबे अंतराल के बाद पहली बार घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम में इस तरह की वृद्धि की गई थी।


भारत का इम्पोर्ट बिल घटेगा

हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट 30 सेंट्स यानी लगभग 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। शुक्रवार को कारोबार के दौरान एक समय ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 76.54 डॉलर के निचले स्तर तक भी पहुंच गया था। अमेरिका-ईरान डील के बाद समुद्री मार्ग खुलने से कच्चे तेल की आपूर्ति सुचारू हो गई है।


तेल आयात बिल में कमी

यह भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि भारत अपनी कुल पेट्रोलियम आवश्यकताओं का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की मंदी इसी तरह जारी रही, तो आने वाले दिनों में भारत का तेल आयात बिल काफी कम हो जाएगा, जिसका सीधा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों में कटौती के रूप में मिल सकता है।