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क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर से बढ़ेंगी? जानें ताजा हालात

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। जानें आपके शहर में ईंधन की वर्तमान कीमतें और अमेरिका में डीजल की नई ऊंचाई। क्या भारत में कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं? इस लेख में हम इन सभी सवालों का जवाब देंगे।
 

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता


नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से उस स्तर के करीब पहुंच रही हैं, जहां भारत में आखिरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। शुक्रवार को क्रूड की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन लगातार ऊंची कीमतों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। इसके बावजूद, तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस निर्णय से वाहन चालकों को राहत मिली है और घरेलू ईंधन बाजार में स्थिरता बनी हुई है।


आपके शहर में पेट्रोल की कीमतें

आज नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि कोलकाता में यह 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये, चेन्नई में 107.76 रुपये, गुरुग्राम में 102.97 रुपये, नोएडा में 101.77 रुपये, बेंगलुरू में 110.97 रुपये, भुवनेश्वर में 108.97 रुपये, चंडीगढ़ में 102.20 रुपये, हैदराबाद में 115.73 रुपये, लखनऊ में 101.86 रुपये, पटना में 113.81 रुपये और तिरुअनंतपुरम् में 115.49 रुपये प्रति लीटर है।


डीजल की वर्तमान कीमतें

डीजल की कीमतों की बात करें तो नई दिल्ली में यह 95.20 रुपये प्रति लीटर है, कोलकाता में 99.82 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये, चेन्नई में 99.55 रुपये, गुरुग्राम में 95.64 रुपये, नोएडा में 95.26 रुपये, बेंगलुरू में 98.80 रुपये, भुवनेश्वर में 100.68 रुपये, चंडीगढ़ में 89.47 रुपये, हैदराबाद में 103.86 रुपये, जयपुर में 98.50 रुपये, लखनऊ में 95.36 रुपये, पटना में 99.80 रुपये और तिरुअनंतपुरम् में 104.41 रुपये प्रति लीटर है।


अमेरिका में डीजल की नई ऊंचाई

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का प्रभाव कई देशों में देखा जा रहा है। अमेरिका में डीजल की कीमत पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई है, जो कि जून 2022 में 5.87 डॉलर प्रति गैलन के पुराने रिकॉर्ड से अधिक है। इससे वहां ईंधन की बढ़ती कीमतों का दबाव स्पष्ट हो रहा है।


भारत में कीमतों में संभावित वृद्धि

भारत में तेल कंपनियों ने इस साल मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई थीं, जिसमें चार बार वृद्धि की गई थी। इसके बाद से घरेलू ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की महंगाई से कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 5 रुपये और डीजल पर 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।


यदि ईरान-अमेरिका संघर्ष में जल्द सुधार नहीं होता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल, सरकार या तेल कंपनियों ने कीमत बढ़ाने का कोई संकेत नहीं दिया है।