×

खाड़ी देशों से ऊर्जा निर्यात पर संकट: क़तर के ऊर्जा मंत्री की चेतावनी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, क़तर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच संघर्ष जारी रहा, तो खाड़ी देशों से ऊर्जा निर्यात में रुकावट आ सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। क़तर, जो तरलीकृत प्राकृतिक गैस का प्रमुख उत्पादक है, ने हाल ही में अपने गैस संयंत्र पर ड्रोन हमले के बाद आपात स्थिति की घोषणा की है। जानें इस संकट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो सकता है।
 

ऊर्जा बाजार में बढ़ती चिंताएं

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। क़तर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच का संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा, तो खाड़ी देशों से ऊर्जा निर्यात में रुकावट आ सकती है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।


संघर्ष का प्रभाव

साद अल-काबी ने एक अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में कहा कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रही, तो खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा निर्यातक कुछ ही दिनों में उत्पादन रोकने के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि संघर्ष लंबे समय तक चलता है, तो इसका प्रभाव केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर डाल सकता है।


क़तर का गैस उत्पादन

क़तर को तरलीकृत प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है। हाल ही में, क़तर ने अपने रास लफ़ान गैस संयंत्र पर ड्रोन हमले के बाद “अपरिहार्य परिस्थितियों” की घोषणा की है। यह संयंत्र देश के गैस निर्यात का मुख्य केंद्र है और वैश्विक तरलीकृत प्राकृतिक गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत क़तर से आता है।


आपूर्ति व्यवस्था में बाधा

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि संघर्ष तुरंत समाप्त भी हो जाए, तो सामान्य आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने में कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है। हमले के बाद नुकसान का आकलन और आपूर्ति व्यवस्था को पुनर्स्थापित करने में समय लगेगा।


आर्थिक प्रभाव

साद अल-काबी ने संकेत दिया कि यदि हालात जल्दी नहीं सुधरे, तो अन्य खाड़ी देशों को भी इसी तरह की घोषणाएं करनी पड़ सकती हैं। उनके अनुसार, यदि यह संघर्ष कुछ और सप्ताह तक जारी रहा, तो यह वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर को प्रभावित कर सकता है।


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

उनके बयान के बाद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत शुक्रवार को लगभग 2.5 प्रतिशत बढ़कर करीब 87.6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। प्राकृतिक गैस की कीमतें भी लगभग 40 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल इकाई तक जा सकती हैं।


जलडमरूमध्य की सुरक्षा

होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है, जो कि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल और गैस का मार्ग है। हालिया तनाव के दौरान कई जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे बीमा प्रीमियम में भी वृद्धि देखी जा रही है।


अमेरिका की भूमिका

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना जहाजों को सुरक्षा प्रदान करते हुए इस समुद्री मार्ग से गुजरने में मदद करेगी। हालांकि, क़तर के ऊर्जा मंत्री का मानना है कि जब तक संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक यह मार्ग सुरक्षित नहीं माना जा सकता।


खतरनाक स्थिति

साद अल-काबी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में जहाजों का इस मार्ग से गुजरना बेहद खतरनाक हो सकता है। उनका कहना है कि क़तर तभी गैस उत्पादन और निर्यात को सामान्य करेगा जब क्षेत्र में संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और हालात स्थिर हो जाएंगे।