खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि: युद्ध और आपूर्ति संकट का प्रभाव
खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण और खाड़ी देशों से मालवाहक जहाजों की आवाजाही में रुकावट के चलते, कच्चे तेल और खाद्य तेलों की आपूर्ति में कमी की आशंका बढ़ गई है। इस स्थिति के चलते, पिछले सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजार में अधिकांश खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि देखने को मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सप्ताह मजबूती आई है, जिससे खाद्य तेल और रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच मांग में अचानक उछाल आया है।
सरकार के कदम और बाजार की प्रतिक्रिया
हाल ही में, सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में बदलाव किया है, जिससे सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। बिनौला तेल की मांग में वृद्धि हुई है, क्योंकि यह सूरजमुखी और मूंगफली के मुकाबले सस्ता है।
कांडला बंदरगाह पर सोयाबीन डीगम तेल और पामोलीन के बीच मूल्य का अंतर पहले 100 डॉलर प्रति टन था, जो अब घटकर 10-20 डॉलर प्रति टन रह गया है। ऐसे में सरकार को सोयाबीन की बिक्री रोकने और सरसों की खरीद बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
किसानों के लिए संभावित लाभ
इससे किसानों का मनोबल बना रहेगा और बिजाई का रकबा प्रभावित नहीं होगा। यदि आवश्यक हो, तो सरकार बाजार में हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकती है। मूंगफली का स्टॉक भी बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि सरसों और मूंगफली तेल का कोई विकल्प नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, आयात में कमी के कारण सूरजमुखी तेल का मूल्य 10-11 रुपये प्रति किलो के प्रीमियम पर बिक रहा है। युद्ध संकट के कारण आयात में कमी के चलते इसकी कीमत 172-173 रुपये प्रति किलो हो गई है।
बाजार की स्थिति और कीमतों में बदलाव
पिछले सप्ताह सरसों दाना 100 रुपये की वृद्धि के साथ 6,700-6,725 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दादरी मंडी में सरसों तेल 150 रुपये की वृद्धि के साथ 13,900 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा है।
सोयाबीन दाने और लूज के थोक भाव क्रमशः 50-50 रुपये की वृद्धि के साथ 5,650-5,700 रुपये और 5,250-5,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
दिल्ली में सोयाबीन तेल 750 रुपये की वृद्धि के साथ 15,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा है। मूंगफली तिलहन का दाम भी 25 रुपये की वृद्धि के साथ 7,000-7,475 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।
सीपीओ और पामोलीन की कीमतों में वृद्धि
समीक्षाधीन सप्ताह में कारोबारी धारणा में मजबूती के अनुरूप, सीपीओ तेल का दाम 700 रुपये की वृद्धि के साथ 13,050 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन का भाव 550 रुपये की वृद्धि के साथ 14,750 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
बिनौला तेल का दाम भी 300 रुपये की मजबूती दर्शाते हुए 14,050 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।