गुजरात की नई पोत निर्माण नीति: समुद्री विनिर्माण में क्रांति
गुजरात सरकार की नई पहल
अहमदाबाद, 27 जुलाई: गुजरात सरकार ने सोमवार को अपनी नई पोत निर्माण नीति का अनावरण किया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे का विकास और कौशल विकास के माध्यम से राज्य को भारत का प्रमुख समुद्री विनिर्माण केंद्र बनाना है, जैसा कि एक सरकारी अधिकारी ने बताया।
मुख्यमंत्री का बयान
सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘गुजरात पोत निर्माण एवं मरम्मत नीति- 2026’ की घोषणा की। इस नीति का लक्ष्य दो विशाल जहाज निर्माण पार्क स्थापित करना, राज्य की जहाज निर्माण क्षमता को 50 लाख डेडवेट टनेज (डीडब्ल्यूटी) से अधिक बढ़ाना और 27,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना है। डीडब्ल्यूटी वह अधिकतम वजन है जो एक जहाज सुरक्षित रूप से ले जा सकता है।
कौशल विकास और क्षमता निर्माण
इस नीति का एक और महत्वपूर्ण पहलू पांच लाख से अधिक लोगों का कौशल विकास करना और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करना है। नीति की घोषणा के दौरान, पटेल ने कहा, ‘यह नीति गुजरात में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पोत निर्माण की पारिस्थितिकी तैयार करेगी और ‘विकसित गुजरात 2047’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में राज्य की भूमिका को मजबूत करेगी।’
केंद्र सरकार के सहयोग से विकास
राज्य सरकार के अनुसार, यह नीति केंद्र की ‘पोत निर्माण वित्तीय सहायता योजना 2025’ और ‘समुद्री दृष्टिकोण-2047’ के अनुरूप है। इस नीति का उद्देश्य समुद्री उपकरणों के निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप, सहायक उद्योगों और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देकर भविष्य के लिए तैयार पोत निर्माण पारिस्थितिकी विकसित करना है।
विशाल पोत निर्माण पार्क का विकास
इस नीति के अंतर्गत, आधुनिक जहाज गोदी अवसंरचना वाले दो विशाल पोत निर्माण पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही समुद्री उपकरण विनिर्माण संकुल, परीक्षण सुविधाएं, लॉजिस्टिक समर्थन, अनुसंधान एवं विकास केंद्र और कौशल विकास संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने पोरबंदर जिले के कुछाडी में एक नए पोत निर्माण संकुल की मंजूरी दी है।
निवेश और आर्थिक सहायता
गुजरात समुद्री बोर्ड इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है, जिससे इसके कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस संकुल में दो से तीन विश्वस्तरीय जहाज गोदी और उनसे जुड़े उद्योगों का नेटवर्क होगा, और इस परियोजना से लगभग 23,700 करोड़ रुपये का निजी निवेश आने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने बताया कि इस पारिस्थितिकी का समर्थन करने के लिए ‘जहाज निर्माण विकास योजना’ (एसबीडीएस) के तहत केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक मदद से लगभग 3,300 करोड़ रुपये का संयुक्त समुद्री और भूमि आधारित आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा, जिससे कुल अनुमानित निवेश 27,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।