गूगल ने भारत में कृषि और शिक्षा के लिए एआई आधारित पहलों की घोषणा की
गूगल की नई पहलों का उद्देश्य
गूगल, एक वैश्विक तकनीकी कंपनी, ने शुक्रवार को भारत में कृषि अनुसंधान, किसानों को सलाह देने, शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रशिक्षण देने और छोटे व्यवसायों के लिए एआई उपकरण विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि ज्वार की अधिक उत्पादक और जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील किस्मों के विकास के लिए एक आनुवंशिक एटलस तैयार किया जाएगा, जिसे सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ज्वार की नई किस्मों का विकास
ज्वार की नई किस्मों का विकास अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रिसैट), हडसनअल्फा इंस्टीट्यूट फॉर बायोटेक्नोलॉजी और अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जाएगा। इक्रिसैट के जीन बैंक में 90 से अधिक देशों से 44,000 से ज्यादा ज्वार किस्मों के नमूने लिए जाएंगे। गूगल की एआई शाखा, गूगल डीपमाइंड, इक्रिसैट में तीन साल की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप भी प्रदान करेगी।
कृषि क्षेत्र में गूगल की तकनीक का योगदान
गूगल की तकनीक को गुजरात सरकार के कृषि प्रगति फसल सूचना मंच में शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से पिछले एक वर्ष में राज्य के छह लाख से अधिक किसानों को 90 करोड़ से अधिक सलाह मोबाइल एसएमएस के जरिए दी गई।
शिक्षकों के लिए एआई प्रशिक्षण का विस्तार
गूगल ने यह भी बताया कि मई से अब तक 80,000 से अधिक शिक्षकों को एआई के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया है। अब बिहार, मध्य प्रदेश, सिक्किम और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ साझेदारी में गूगल एआई एडुकेटर कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। कंपनी शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है।
भविष्य की योजनाएं और वित्तीय सहायता
यह प्रशिक्षण फिलहाल अंग्रेजी में उपलब्ध है, जबकि हिंदी, मराठी, तेलुगु, असमिया, ओड़िया और पंजाबी संस्करण इसी महीने जारी किए जाएंगे। गूगल ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) की पढ़ाई में मदद के लिए 100 अटल टिंकरिंग लैब में ‘एटीएल साथी’ नामक जेमिनी आधारित डेस्कटॉप ऐप के माध्यम से सहयोग देने की भी योजना बनाई है। इसके अलावा, गूगल डॉट ओआरजी ने छोटे व्यवसायों के लिए गैर-लाभकारी संगठन द/नज को 1.5 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।
सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए एआई उपकरण
इस वित्तीय सहायता से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को औपचारिक ऋण प्राप्त करने, नए बाजारों की खोज करने और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करने में मदद करने वाले एआई उपकरण विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, छोटे शहरों में स्थानीय प्रतिभाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें छोटे व्यवसायों से जोड़ने के लिए बहुभाषी, आवाज आधारित मंच भी विकसित किया जाएगा।