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गोदरेज प्रॉपर्टीज की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि की उम्मीद, मुनाफे में गिरावट

गोदरेज प्रॉपर्टीज को वित्त वर्ष 2026-27 में बिक्री बुकिंग में रिकॉर्ड वृद्धि की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22% अधिक हो सकती है। हालांकि, कंपनी के मुनाफे में गिरावट आई है, जो सितंबर तिमाही में 62% घटकर 154.15 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने नए आवासीय प्रोजेक्ट्स में ग्राहकों की रुचि को देखते हुए सकारात्मक रुझान की उम्मीद जताई है। जानें कंपनी की भविष्य की योजनाओं और बाजार की स्थिति के बारे में।
 

गोदरेज प्रॉपर्टीज की बिक्री बुकिंग में वृद्धि

रियल एस्टेट क्षेत्र में घरों की बढ़ती मांग का लाभ गोदरेज प्रॉपर्टीज को मिल रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसकी बिक्री बुकिंग 41,500 करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 22% अधिक होगी। कंपनी के चेयरपर्सन पीरोजशा गोदरेज के अनुसार, नए और मौजूदा आवासीय प्रोजेक्ट में ग्राहकों की रुचि बनी हुई है.


मजबूत मांग के संकेत

पीरोजशा गोदरेज ने एक इंटरव्यू में बताया कि जिन बाजारों में कंपनी सक्रिय है, वहां घर खरीदने की मांग मजबूत बनी हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद, देश में आवासीय संपत्तियों की मांग पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट बाजार में घरों की मांग स्थिर बनी हुई है.


वित्तीय लक्ष्य और भविष्य की संभावनाएं

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में बिक्री बुकिंग के लिए 39,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, लेकिन वर्तमान रुझानों को देखते हुए इसके पार जाने की उम्मीद है। पीरोजशा ने बताया कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनी 22,500 करोड़ से 25,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री बुकिंग कर सकती है, जो कि तय लक्ष्य से अधिक होगी.


पिछले वित्त वर्ष की तुलना

पिछले वित्त वर्ष में गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 34,171 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री बुकिंग की थी। चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में यह आंकड़ा 16,659 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 15,587 करोड़ रुपये से 7% अधिक है. कंपनी का कहना है कि किसी भी आवासीय परियोजना में ग्राहकों की मांग में कमी नहीं आई है.


सितंबर तिमाही में वृद्धि

सितंबर तिमाही में कंपनी की पहले से चल रही परियोजनाओं से बिक्री बुकिंग में भी तेजी आई। इस दौरान, ऐसी परियोजनाओं की बुकिंग सालाना आधार पर 83% बढ़कर 5,054 करोड़ रुपये हो गई। पीरोजशा को उम्मीद है कि अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही कंपनी के लिए अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हो सकती है.


निवेश और भविष्य की योजनाएं

कंपनी मौजूदा परियोजनाओं के निर्माण और भविष्य की योजनाओं के लिए जमीन खरीदने पर निवेश जारी रखेगी। इसके लिए वह कारोबार से होने वाली कमाई का उपयोग करेगी। कंपनी का लक्ष्य नकदी बचाए रखना और शेयरधारकों की पूंजी पर 20% का रिटर्न प्राप्त करना है.


मुनाफे में गिरावट

हालांकि, बिक्री की अच्छी संभावनाओं के बावजूद, कंपनी के मुनाफे में गिरावट देखी गई है। सितंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 62% घटकर 154.15 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय बढ़कर 2,571.73 करोड़ रुपये हो गई, जबकि खर्च 1,300.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,476.74 करोड़ रुपये पहुँच गया.


आगे की चुनौतियाँ

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 50% घटकर 504 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय 3,570.39 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,916.77 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने 2018 से अब तक 80 मिलियन वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में परियोजनाएं पूरी की हैं, और आगे की बिक्री का प्रदर्शन नई परियोजनाओं की शुरुआत और निर्माण लागत पर निर्भर करेगा.