गोवा में खनिज उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत
गोवा की खनिज उत्पादन क्षमता में वृद्धि
पणजी, 5 नवंबर: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी कि राज्य नई खानों और मौजूदा अयस्क डंप के प्रबंधन के माध्यम से अपनी वार्षिक खनिज उत्पादन क्षमता को 4.5 करोड़ टन तक बढ़ा सकता है। इससे हर साल लगभग 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। सावंत ने गोवा में खनन और कोयला क्षेत्र में सुधारों पर आयोजित खान मंत्रियों के सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य ने अब तक 17 खनिज ब्लॉक की नीलामी की है, जिनमें से 16 चालू हो चुके हैं। वर्तमान में, वार्षिक उत्पादन लगभग 1.91 करोड़ टन तक पहुंच गया है, जबकि उच्चतम न्यायालय ने अधिकतम वार्षिक सीमा दो करोड़ टन निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) गोवा अगले वर्ष एक और खनिज ब्लॉक की नीलामी की योजना बना रहा है। इससे राज्य को अपनी स्वीकृत उत्पादन क्षमता तक पहुंचने में सहायता मिलेगी, बशर्ते आवश्यक कानूनी मंजूरियां प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि गोवा की अर्थव्यवस्था में खनन का महत्वपूर्ण योगदान है, जो राजस्व और रोजगार दोनों प्रदान करता है।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, सतीश चंद्र दुबे और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सावंत ने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी ‘अयस्क डंप’ नीति के तहत भी प्रगति की है। इसके अंतर्गत पुराने पट्टाधारकों को आठ डंप आवंटित किए गए हैं, जिनमें से दो को खान एवं भूविज्ञान निदेशालय से अंतिम अनुमति मिल चुकी है। लगभग 3.9 करोड़ टन सामग्री वाले 20 और डंप की नीलामी की गई है और इनके लिए मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि पहला डंप चालू हो गया है, जबकि शेष डंप को जल्द से जल्द चालू करने के प्रयास जारी हैं।
प्रौद्योगिकी हस्तक्षेपों पर चर्चा करते हुए, सावंत ने बताया कि गोवा ने खान महानिदेशालय और गोवा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के सहयोग से ‘भूमिजा’ अयस्क निगरानी और प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की है।