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गौतम अडानी का 64वां जन्मदिन: एक सफल उद्यमी की प्रेरणादायक कहानी

गौतम अडानी, जो आज 64 वर्ष के हो गए हैं, ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया और अडानी ग्रुप को एक प्रमुख कारोबारी समूह बना दिया। इस लेख में उनके जन्म, परिवार, व्यवसायिक सफर और कई रोचक घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई है। जानें कैसे उन्होंने अपने दम पर सफलता की ऊंचाइयों को छुआ।
 

गौतम अडानी का जन्मदिन

गौतम अडानी, जो अडानी ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन हैं, आज 24 जून को अपने 64वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने अडानी ग्रुप को शून्य से ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर, उन्होंने अपने बलबूते पर एक विशाल व्यवसाय स्थापित किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में देश और विदेश में फैला हुआ है।


जीवन की चुनौतियाँ

गौतम अडानी ने कई कठिनाइयों का सामना करते हुए अडानी ग्रुप को भारत के प्रमुख कारोबारी समूहों, जैसे टाटा और रिलायंस, के समकक्ष लाने में सफलता प्राप्त की। इसलिए उन्हें एक सेल्फ-मेड करोड़पति के रूप में जाना जाता है। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...


जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

गौतम अडानी का जन्म 24 जून 1962 को अहमदाबाद में एक गुजराती जैन परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम शांतिलाल अडानी और मां का नाम शांताबेन अडानी है। उनके पिता ने अहमदाबाद में अपने टेक्सटाइल व्यवसाय को बढ़ाने के लिए वहां बसने का निर्णय लिया, लेकिन गौतम अडानी कपड़ा व्यापार में रुचि नहीं रखते थे।


6000 करोड़ रुपये की डील

गौतम अडानी हीरा व्यापार के लिए मुंबई चले गए, जहां उन्होंने महिंद्रा ब्रदर्स के साथ हीरा छांटने का कार्य शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अपनी हीरा ब्रोकरेज कंपनी स्थापित की। उन्होंने केवल 100 घंटों में 6,000 करोड़ रुपये की डील करके अपने व्यवसाय की नींव रखी। धीरे-धीरे अडानी ग्रुप ने पोर्ट से लेकर एफएमसीजी तक 10 लिस्टेड कंपनियों का एक बड़ा कारोबारी समूह बना लिया।


ताज होटल में अनुभव

मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले के दौरान, गौतम अडानी ताज होटल में भोजन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने तहखाने में छिपकर अपनी जान बचाई। इसके अलावा, साल 1998 में उन्हें 15 लाख डॉलर की फिरौती के लिए किडनैप किया गया था। हाल ही में, हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने भी अडानी ग्रुप को बड़ा झटका दिया, लेकिन गौतम अडानी ने केवल एक साल में इस नुकसान से उबरकर एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए।