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घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी, निफ्टी और सेंसेक्स में भारी गिरावट

घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे निफ्टी और सेंसेक्स में भारी गिरावट आई है। इस लेख में जानें कि कैसे कमजोर वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वित्तीय क्षेत्र में दबाव ने बाजार को प्रभावित किया है। साथ ही, जानें निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तर और बाजार की संभावनाएँ।
 

बिकवाली का दबाव बढ़ा


मुंबई: साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में भी तेज गिरावट देखी गई। कमजोर वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बड़े शेयरों में बिकवाली ने बाजार के माहौल को प्रभावित किया।


दूसरे दिन भी गिरावट का सिलसिला

मंगलवार को निफ्टी 144 अंक गिरकर 23,635 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 555 अंक की गिरावट के साथ 75,577 पर पहुंच गया। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 23,758 का उच्चतम स्तर और 23,623 का न्यूनतम स्तर छुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर लगभग 486.06 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की कमी आई।


विभिन्न सेक्टरों पर दबाव

बाजार में गिरावट का प्रभाव विशेष रूप से वित्तीय क्षेत्र में देखा गया। आईटी, पीएसयू बैंक और निजी बैंक सूचकांक भी दबाव में रहे। दूसरी ओर, ऑटो, एफएमसीजी, मीडिया और फार्मा शेयरों में मजबूती दिखाई दी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचयूएल और ओएनजीसी जैसे शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जबकि एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक निफ्टी के कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।


निफ्टी की नजर 23,600 पर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील के अनुसार, महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बाजार पर असर डाल रही है। अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों की हलचल के साथ बॉंड यील्ड में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी दिख रहा है। निफ्टी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है। 23,786 का पिछला स्विंग लो टूटने के बाद 23,600 अगला महत्वपूर्ण स्तर बन गया है, जबकि तेजी आने पर 24,000 पहला अवरोध होगा।


बाजार के लिए चुनौतियाँ और संभावनाएँ

बाजार के सामने कच्चे तेल की कीमतों का 97 डॉलर से ऊपर जाना, विदेशी निवेशकों की संभावित बिकवाली और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी जैसी चुनौतियाँ हैं। आईपीओ की अधिक संख्या से भी बाजार में नकदी पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी, मजबूत आर्थिक आंकड़े और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों की मजबूती सकारात्मक संकेत दे रही है। तकनीकी स्तर पर 23,700 और 23,600 निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण समर्थन माने जा रहे हैं, जबकि 24,000 के ऊपर टिकना तेजी के लिए आवश्यक होगा।