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घरेलू शेयर बाजार में गिरावट, थोक महंगाई दर में वृद्धि का असर

बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण थोक महंगाई दर में वृद्धि और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें थीं। बीएसई का सेंसेक्स 251.89 अंक गिरकर 72,781.89 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 99.25 अंक की कमी के साथ 22,622.70 अंक पर रहा। कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली, लेकिन व्यापक बाजार में गिरावट का सामना करना पड़ा। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और विशेषज्ञों की राय।
 

बाजार में गिरावट का कारण

बुधवार को थोक महंगाई दर में वृद्धि और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई। पिछले कारोबारी सत्र में उछाल के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली ने बाजार पर दबाव डाला। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की कमी के साथ 72,781.89 अंक पर बंद हुआ।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 73,195.26 अंक का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि 72,578.75 अंक के निचले स्तर तक भी गया। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी 99.25 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक और इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई।


कुछ शेयरों में तेजी

हालांकि, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी देखने को मिली। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में थोक मुद्रास्फीति दर 11.39 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो अगस्त में 9.92 प्रतिशत थी। खाद्य पदार्थों, विनिर्मित वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने इस दर को प्रभावित किया।


विश्लेषकों की राय

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। थोक महंगाई के अपेक्षा से अधिक रहने से मौद्रिक नीति सख्त होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे वाहन, निजी बैंक और धातु कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा।


व्यापक बाजार की स्थिति

व्यापक बाजार में भी गिरावट आई। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.72 प्रतिशत गिर गया, जबकि मिडकैप सेलेक्ट 0.14 प्रतिशत की कमी में रहा। क्षेत्रवार सूचकांकों में आवासीय वित्त में 1.12 प्रतिशत, बीमा में 1.04 प्रतिशत, स्वास्थ्य देखभाल में 0.93 प्रतिशत और वाहन में 0.87 प्रतिशत की गिरावट आई।


वैश्विक बाजार का प्रभाव

ब्रेंट क्रूड का भाव 0.36 प्रतिशत बढ़कर 106.1 डॉलर प्रति बैरल हो गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 1,305.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए।


अमेरिकी बाजार की स्थिति

अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। उस दिन सेंसेक्स 1,109.10 अंक चढ़कर 73,033.78 अंक पर और निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,721.95 अंक पर रहा।