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घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 262 और 95 अंकों की वृद्धि हुई। सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में मजबूती और अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों ने बाजार को समर्थन दिया। जानें किस कंपनियों ने बढ़त दिखाई और बाजार के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

शेयर बाजार की स्थिति

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में मजबूती और अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों के चलते मौद्रिक सख्ती की उम्मीदें कम होने के कारण, घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 262 अंक और निफ्टी में 95 अंक की वृद्धि देखी गई।


बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 655.4 अंक की बढ़त के साथ 78,157.52 अंक तक पहुंच गया था।


वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 95.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24,270.85 अंक पर बंद हुआ।


सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक ने 5.79 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, जबकि टेक महिंद्रा ने 1.81 प्रतिशत की बढ़त दिखाई।


अन्य कंपनियों की स्थिति

इसके अलावा, भारती एयरटेल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी बढ़त में रहे।


हालांकि, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए।


जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी श्रम बाजार के नरम आंकड़ों के चलते वैश्विक स्तर पर नरम ब्याज दरों की उम्मीद से बाजार में बढ़त देखने को मिली।"


उन्होंने यह भी बताया कि भारत-जापान शिखर सम्मेलन के सकारात्मक परिणामों और आईटी क्षेत्र में सुधार ने बाजार की धारणा को मजबूती प्रदान की।


कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव

कच्चे तेल की कीमतों में कमी भी एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।


विस्तृत बाजार में मझोली कंपनियों के बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.46 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि छोटी कंपनियों का स्मालकैप सूचकांक 0.33 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।


क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी क्षेत्र में 2.22 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, जबकि आईटी क्षेत्र में 1.55 प्रतिशत और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 1.31 प्रतिशत की बढ़त रही। दूसरी ओर, बिजली क्षेत्र में 2.39 प्रतिशत और पूंजीगत उत्पाद क्षेत्र में 2.26 प्रतिशत की गिरावट आई।


बीएसई पर कुल 2,257 कंपनियों के शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1,986 शेयरों में गिरावट आई और 198 अन्य अपरिवर्तित रहे।


साप्ताहिक प्रदर्शन

साप्ताहिक आधार पर, बीएसई सेंसेक्स ने 663.44 अंक यानी 0.86 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी ने 214.85 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।


मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि आईटी शेयरों में तेजी और अनुकूल वैश्विक संकेतों ने घरेलू बाजार को समर्थन दिया। हालांकि, कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में सार्वजनिक बैंकों और ऊर्जा शेयरों में मुनाफावसूली से बढ़त थोड़ी कम हो गई।


एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लगभग छह प्रतिशत चढ़ गया, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त के साथ बंद हुए।


यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे।


अमेरिकी बाजारों की स्थिति

अमेरिकी बाजारों में बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख देखा गया।


अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.24 प्रतिशत बढ़कर 71.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 311.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


इससे पहले बुधवार को, सेंसेक्स 579.48 अंक चढ़कर 77,502.12 अंक और निफ्टी 169.85 अंक की बढ़त के साथ 24,175.70 अंक पर बंद हुआ था।