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घरेलू शेयर बाजार में हल्की गिरावट, निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व के फैसले पर

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण हल्की गिरावट आई। बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी दोनों में मामूली कमी देखी गई। हालांकि, छोटी कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी रही। निवेशकों की नजरें अब फेडरल रिजर्व के निर्णय पर टिकी हैं, जो ब्याज दरों और वैश्विक पूंजी प्रवाह पर प्रभाव डाल सकता है।
 

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, बैंक और आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय से पहले सतर्कता बरती, जिससे बीएसई का सेंसेक्स 8.08 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 73,598.67 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान, सेंसेक्स ने 73,762.98 अंक के उच्चतम और 73,179.41 अंक के न्यूनतम स्तर को छुआ।


निफ्टी में भी गिरावट

एनएसई का निफ्टी भी 3.45 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की कमी के साथ 22,749.75 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में प्रमुख गिरावट आई। वहीं, भारती एयरटेल, ट्रेंट, मारुति और पावर ग्रिड के शेयरों में तेजी देखी गई।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

ब्रेंट क्रूड का वायदा मूल्य 0.03 प्रतिशत घटकर 115.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के निर्णय से पहले निवेशकों की सतर्कता ने वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों को सीमित कर दिया। मुनाफावसूली के कारण आईटी और निजी बैंकों के शेयरों पर दबाव बना रहा, जबकि दवा, वाहन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई।


छोटी कंपनियों में तेजी

हालांकि, व्यापक बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। स्मालकैप सूचकांक में 2.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मिडकैप सूचकांक में 0.88 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। क्षेत्रीय सूचकांकों में, शीर्ष 10 बैंकों के खंड में 0.99 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निजी बैंक सूचकांक 0.78 प्रतिशत, फोकस आईटी खंड 0.22 प्रतिशत और आईटी खंड भी 0.22 प्रतिशत के नुकसान में रहा।


निवेशकों की नजरें फेडरल रिजर्व पर

इसके विपरीत, स्वास्थ्य देखभाल खंड में 2.28 प्रतिशत, दूरसंचार में 2.15 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 1.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा कि अब निवेशकों की नजरें बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर हैं। वे ब्याज दरों के रुख और वैश्विक पूंजी प्रवाह पर इसके प्रभाव से संबंधित संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।


बाजार की स्थिति

बाजार में तेजी का बने रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि बाहरी दबाव कम होते हैं या नहीं। प्रमुख आर्थिक कारकों में ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई है, जो छह महीने के उच्च स्तर के करीब है। सऊदी अरब के प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं फिर से बढ़ गई हैं।


विदेशी निवेशकों की गतिविधि

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,462.49 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की थी। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कारोबार के दौरान कमजोरी देखी गई।


अमेरिकी बाजार की स्थिति

अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। उस दिन सेंसेक्स 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 अंक और निफ्टी 153.20 अंक की बढ़त के साथ 22,753.20 अंक पर बंद हुआ।