☰
×

जापान का भारत में विदेशी निवेश में बढ़ता योगदान

जापान का भारत में विदेशी निवेश तेजी से बढ़ रहा है, जिससे यह देश FDI में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जापान ने 5.71 अरब डॉलर का निवेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। इस लेख में जानें कि कैसे जापानी कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
 

जापान का FDI में प्रमुख स्थान

भारत में विदेशी निवेश के प्रति जापान की रुचि तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून के बीच, जापान भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) करने वाला सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जापान से भारत को 5.71 अरब डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ है, जो कि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में आए 3.74 अरब डॉलर के निवेश से कहीं अधिक है.


जापानी निवेश का महत्व

अप्रैल से जून की तिमाही में जापान से आया निवेश भारत में कुल 19.81 अरब डॉलर के शेयर आधारित विदेशी निवेश का लगभग 29% है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जापानी कंपनियों की भारतीय बाजार में रुचि बढ़ रही है। जापान ने 2025 तक भारत में अगले 10 वर्षों में 10 लाख करोड़ येन निवेश करने का लक्ष्य रखा है, जो भारतीय रुपये में लगभग 7 लाख करोड़ रुपये के बराबर है.


व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में जापान का दौरा किया, जहां उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। नागोया यात्रा के दौरान, उन्होंने बताया कि जापानी कंपनियों ने भारत में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है.


भू-राजनीतिक कारक और निवेश के अवसर

डेलॉइट इंडिया के साझेदार अनिल तलरेजा के अनुसार, जापान की वित्तीय संस्थाएं और बड़े निवेशक भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के कारण जापानी कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव कर रही हैं, जिससे भारत एक महत्वपूर्ण विकल्प बन रहा है.


तकनीकी सहयोग के क्षेत्र

तलरेजा ने बताया कि भारत केवल जापान से वित्तीय निवेश ही नहीं, बल्कि तकनीक, उत्पादन क्षमता और दीर्घकालिक निवेश बनाए रखने की क्षमता भी प्राप्त कर सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, आवश्यक खनिज, बैटरी, ऊर्जा और नए परिवहन साधनों में सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बन सकते हैं.


निवेश के प्रमुख सौदे

हालांकि, पहली तिमाही में निवेश में वृद्धि का मुख्य कारण नई फैक्ट्रियों की स्थापना नहीं थी। तलरेजा के अनुसार, बड़े वित्तीय सौदों और कंपनियों के अधिग्रहण ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जापानी कंपनियां अब भारत को उत्पादन केंद्र और बड़े ग्राहक बाजार के रूप में देख रही हैं.


जापानी औद्योगिक टाउनशिप

जापानी निवेशकों को सहायता प्रदान करने के लिए, भारत ने 9 राज्यों में 12 जापानी औद्योगिक टाउनशिप स्थापित की हैं। यहां जापान से संबंधित सुविधाएं, अनुवाद और कारोबारी सहायता, जापानी मानकों के अनुरूप सेवाएं और मंजूरियों के लिए एकल खिड़की व्यवस्था उपलब्ध है.


अन्य देशों का निवेश

निवेश के मामले में, सिंगापुर 5.22 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि मॉरीशस से 2.4 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 1.38 अरब डॉलर और अमेरिका से 1.35 अरब डॉलर का निवेश आया है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में विदेशी निवेश के लिए जापान के साथ-साथ अन्य बड़े आर्थिक साझेदार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.