जापान की येन में कमजोरी पर सरकार की चिंता और संभावित कदम
जापान की मुद्रा येन में गिरावट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वित्त मंत्री ने कहा है कि यदि आवश्यक हुआ, तो विदेशी मुद्रा बाजार में त्वरित कदम उठाए जाएंगे। हाल ही में येन की कीमत डॉलर के मुकाबले 163.96 तक पहुंच गई है, जो 1986 के बाद से सबसे कमजोर स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण येन पर दबाव बढ़ रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जापान का हस्तक्षेप सीमित प्रभाव डाल सकता है।
Jul 24, 2026, 21:01 IST
जापान की मुद्रा येन की स्थिति
जापान की मुद्रा येन में निरंतर गिरावट ने वहां की सरकार को चिंतित कर दिया है। वित्त मंत्री सात्सुकी कतायामा ने स्पष्ट किया है कि यदि स्थिति की मांग हुई, तो सरकार विदेशी मुद्रा बाजार में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के लिए तैयार है। हाल के दिनों में, सरकार ने यह संदेश बार-बार दोहराया है ताकि बाजार को यह संकेत मिल सके कि वह स्थिति पर ध्यान दे रही है।
येन की कीमत में गिरावट
शुक्रवार को, डॉलर के मुकाबले येन की कीमत लगभग 163.96 तक पहुंच गई, जो 1986 के बाद से सबसे कमजोर स्तरों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण निवेशकों का रुझान डॉलर की ओर बढ़ा है, जिससे जापानी मुद्रा पर दबाव पड़ा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब भी जरूरत पड़ेगी, सरकार विदेशी मुद्रा बाजार में उचित कदम उठाएगी और किसी भी निर्णय में संकोच नहीं करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि जापान और अमेरिका दोनों इस बात पर सहमत हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होता है। दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की समीक्षा करते रहते हैं।
अमेरिकी वित्त विभाग की रिपोर्ट
हाल ही में अमेरिकी वित्त विभाग ने अपनी मुद्रा रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का अंतर कम होने के बावजूद येन कमजोर बना हुआ है। रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को लेकर चिंता भी व्यक्त की गई है।
महंगाई और डॉलर की मजबूती
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। इससे निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकता है, जिससे डॉलर की मजबूती और येन पर दबाव बढ़ रहा है।
अर्थशास्त्रियों की राय
अर्थशास्त्री मासातो कोइके का मानना है कि यदि जापान अकेले विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है, तो इसका प्रभाव सीमित हो सकता है, क्योंकि येन की कमजोरी का मुख्य कारण डॉलर की मजबूती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति भी बन सकती है जिसमें सरकार हस्तक्षेप न करे और येन में गिरावट जारी रहे। वर्तमान में, पूरी दुनिया जापान सरकार के अगले कदम और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखे हुए है।