जिंदल स्टील में सीईओ का इस्तीफा, नए नेतृत्व की तलाश जारी
जिंदल स्टील में नेतृत्व परिवर्तन
जिंदल स्टील में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम मल्होत्रा ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस कदम के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। जानकारी के अनुसार, वह 15 जुलाई तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे और उसके बाद औपचारिक रूप से कंपनी से अलग हो जाएंगे.
शेयर बाजार को दी गई सूचना
कंपनी ने सेबी के नियमों के अनुसार इस बदलाव की जानकारी शेयर बाजारों को भी भेज दी है। बंबई शेयर बाजार और राष्ट्रीय शेयर बाजार को आधिकारिक सूचना दी गई है.
गौतम मल्होत्रा का आभार
अपने इस्तीफे के पत्र में, गौतम मल्होत्रा ने जिंदल स्टील की जिम्मेदारी को संभालने को अपने लिए एक सम्मान बताया। उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल और चेयरमैन का उन पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद किया और कहा कि वह अपने अंतिम दिन तक अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन करेंगे ताकि नए नेतृत्व को कोई कठिनाई न हो.
गौतम मल्होत्रा का कार्यकाल
गौतम मल्होत्रा मई 2024 में जिंदल स्टील से जुड़े थे। उन्होंने खनन, उत्पादन और एआई आधारित परियोजनाओं पर काम किया। 28 अक्टूबर 2025 को उन्हें कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बिक्री और विपणन रणनीतियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कंपनी का प्रदर्शन
हाल ही में समाप्त मार्च तिमाही में जिंदल स्टील का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी ने पिछले वर्ष की तुलना में 1,041 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया। इस तिमाही में कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक उत्पादन और बिक्री का रिकॉर्ड भी बनाया.
गौतम मल्होत्रा का अनुभव
जिंदल स्टील से पहले, गौतम मल्होत्रा ने फ्यूलबडी नामक कंपनी की स्थापना की थी। उनके पास संचालन और रणनीति के क्षेत्र में लगभग 19 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल से प्रबंधन की पढ़ाई की है और वर्ष 2022 में उन्हें नेतृत्व उत्कृष्टता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.
नए सीईओ की नियुक्ति
कंपनी ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई है। इस्तीफे की खबर के बाद, सोमवार को कंपनी के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। इस वर्ष अब तक कंपनी के शेयरों में लगभग 3.5 प्रतिशत की कमी देखी गई.