जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: एंकर निवेशकों से 8,109.85 करोड़ रुपये का आवंटन
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ और एंकर निवेशकों की भागीदारी
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आगामी आईपीओ से पहले 212 एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी के शेयरों के लिए संस्थागत निवेशकों की बोली 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जो एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित शेयरों की तुलना में 30 गुना अधिक है। यह जानकारी शेयर बाजारों के पास उपलब्ध स्रोतों से प्राप्त हुई है।
इस कंपनी में निवेश करने के इच्छुक प्रमुख निवेशकों में वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक, सरकारी निवेश कोष, घरेलू म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियां शामिल हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया में है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सूत्रों के अनुसार, कंपनी की लगभग 8,110 करोड़ रुपये की एंकर बुक के लिए 30 गुना से अधिक बोलियां प्राप्त हुई हैं। आईपीओ खुलने से पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर 7.24 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। संस्थागत निवेशकों की इस रुचि से दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं में निवेश की उनकी मजबूत दिलचस्पी का संकेत मिलता है।
एंकर बुक में बोलियां लगाने वाली प्रमुख वैश्विक निवेश कंपनियों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जेनस हेंडरसन शामिल हैं। इसके अलावा, सरकारी और सार्वजनिक निवेश संस्थानों जैसे सिंगापुर के जीआईसी, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, कतर निवेश प्राधिकरण और नॉर्वे के नोर्गेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट ने भी निवेश के लिए बोलियां लगाईं।
भारतीय संस्थानों ने भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी दिखाई है। बोली लगाने वालों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी शामिल हैं। इसके अलावा, बीमा कंपनियों और पेंशन कोषों ने भी बोलियां लगाईं।
जियो प्लेटफॉर्म्स 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ लाने जा रही है, जो 21 अक्टूबर को खुलकर 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके लिए शेयरों का मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।
इस निर्गम में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की बिक्री पेशकश शामिल नहीं होगी। यह आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने की संभावना रखता है।
कंपनी के मूल्यांकन का ऊपरी स्तर लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है।