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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ा लक्ष्य

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने 2030-31 तक 1,400 अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपने 53.33 करोड़ ग्राहकों और 5जी नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से इस वृद्धि की उम्मीद कर रही है। जियो का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलने वाला है, जिसमें 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। जानें जियो की विकास रणनीति और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
 

जियो प्लेटफॉर्म्स का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स, ने वित्त वर्ष 2030-31 तक भारत की अनुमानित 1,400 अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने का इरादा जताया है। कंपनी अपने 53.33 करोड़ ग्राहकों, 5जी नेटवर्क के विस्तार और तकनीकी क्षमताओं के आधार पर इस वृद्धि की उम्मीद कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने बताया कि जियो देश के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60 प्रतिशत से अधिक संभालती है और भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी व्यवसाय स्थापित किया है।


विकास की रणनीति

अंबानी ने कंपनी की विकास रणनीति का विवरण देते हुए कहा, "हम 2030-31 तक 1,400 अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की योजना बना रहे हैं।" उन्होंने बताया कि कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी, घरेलू ब्रॉडबैंड और उद्यम सेवाओं के क्षेत्र में विकास के अवसरों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जून 2026 तक जियो के ग्राहकों की संख्या 53.33 करोड़ होने की उम्मीद है, जिनमें से 28.5 करोड़ 5जी ग्राहक होंगे।


5जी ग्राहक आधार और डेटा खपत

इस प्रकार, कंपनी चीन के बाहर सबसे बड़े 5जी ग्राहक आधार वाली दूरसंचार कंपनी बन गई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में प्रति ग्राहक औसत मासिक डेटा खपत 43.7 जीबी रही। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 76,225 करोड़ रुपये का कर पूर्व लाभ (ईबीआईटीडीए) दर्ज किया।


आर्थिक वृद्धि और रणनीतिक पहल

वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच कंपनी की संचयी वार्षिक वृद्धि दर 17.8 प्रतिशत रही। पहली तिमाही में ईबीआईटीडीए मार्जिन 53.3 प्रतिशत था। अंबानी ने बताया कि कंपनी की रणनीति प्रौद्योगिकी, डिजिटल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर आधारित है। मोबाइल सेवाएं, घरेलू ब्रॉडबैंड और उद्यम सेवाएं इसके तीन प्रमुख विकास कारक हैं।


भविष्य की योजनाएं

जियो के नेटवर्क में 3,60,537 दूरसंचार टावर और 26,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम शामिल हैं। कंपनी को 2025-26 से 2030-31 के बीच 4जी और 5जी ग्राहकों की संख्या में 34 करोड़ की वृद्धि की उम्मीद है। इससे प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।


आईपीओ की जानकारी

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलने वाला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। मसौदा दस्तावेज के अनुसार, 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। मौजूदा शेयरधारकों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) इसमें शामिल नहीं होगी। प्रस्तावित निर्गम कंपनी की मौजूदा शेयर पूंजी का लगभग तीन प्रतिशत है। प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे में आईपीओ से लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।


निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तिथियां

एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है।