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जियो प्लेटफॉर्म्स का नया आईपीओ: तकनीकी विकास और भविष्य की योजनाएं

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के माध्यम से तकनीकी विकास और निवेश के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया है। आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी दूरसंचार के अलावा प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड सेवाओं पर ध्यान दे रही है। जियो का लक्ष्य 30,200 करोड़ रुपये जुटाना है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर होगा। जानें जियो के भविष्य की योजनाओं और तकनीकी विकास के बारे में अधिक जानकारी।
 

जियो प्लेटफॉर्म्स की नई दिशा

(फाइल फोटो के साथ) (मौमिता बख्शी चटर्जी) नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को बताया कि कंपनी दूरसंचार के अलावा प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि जियो केवल एक दूरसंचार कंपनी नहीं है, बल्कि एक प्रौद्योगिकी फर्म भी है। अंबानी ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “जियो के लिए दूरसंचार और प्रौद्योगिकी में से किसी एक को चुनना संभव नहीं है, क्योंकि हमारा नेटवर्क ही हमारी तकनीक है।” उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपना 5जी कोर नेटवर्क, क्लाउड आधारित रेडियो नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म स्वयं विकसित किया है।


ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाएं

जियो का नेटवर्क वर्तमान में 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है। अंबानी ने कहा कि कनेक्टिविटी इस प्लेटफॉर्म का पहला उत्पाद था, और अब हम डिजिटल सेवाएं, एआई और क्लाउड को इसके साथ जोड़ रहे हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स का लक्ष्य आईपीओ के माध्यम से 30,200 करोड़ रुपये से अधिक जुटाना है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर होगा। यह निर्गम ऐसे समय में आ रहा है जब निवेशक देख रहे हैं कि कैसे देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार का लाभ उठाकर डिजिटल सेवाओं और उद्यम प्रौद्योगिकी से अधिक मुनाफा कमा सकती है।


भविष्य की तकनीकी योजनाएं

कंपनी ने उपग्रह कनेक्टिविटी और अगली पीढ़ी की 6जी तकनीक को भविष्य के विकास क्षेत्रों के रूप में पहचाना है। अंबानी ने कहा कि जियो के विकास के अवसर मोबाइल सेवाओं से लेकर होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज डिजिटल समाधानों तक फैले हुए हैं। भारत में लगभग 26 करोड़ लोग अभी भी 2जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, जबकि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड केवल 21 प्रतिशत घरों तक पहुंच पाया है।


आईपीओ की विशेषताएं

अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में जियो की फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड वृद्धि में हिस्सेदारी 67.56 प्रतिशत थी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों की संख्या बढ़ाना और उनके साथ जुड़ाव को मजबूत करना है। जियो का प्रत्येक ग्राहक औसतन हर महीने 43.7 जीबी डेटा का उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि शुद्ध ऋण-ईबीआईटीडीए अनुपात वित्त वर्ष 2025-26 में 0.36 गुना रहेगा। इस पेशकश से 5जी, ब्रॉडबैंड, एआई, क्लाउड और एंटरप्राइज सेवाओं में निवेश के लिए अधिक वित्तीय गुंजाइश मिलेगी।


ग्लोबल साझेदारियां और तकनीकी विकास

जियो स्थानीय ऑपरेटरों के साथ साझेदारी के माध्यम से अपने प्रौद्योगिकी कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए स्वदेशी उपग्रह समूह और भू-आधारित केंद्रों का नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी वैश्विक उपग्रह सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी की संभावनाएं भी तलाश रही है।


आईपीओ का समय और मूल्य

यह सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके तहत नए शेयर जारी कर 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। कंपनी ने निर्गम के लिए कीमत दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है।