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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता आकाश अंबानी

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी के आईपीओ के सफल लॉन्च के बाद नई तकनीकों और विकास की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने भारतीयों के लिए डिजिटल संपर्क को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। आकाश ने निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने का वादा किया और जियो को एक वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही। जानें जियो के भविष्य की योजनाएँ और आईपीओ की सफलता के पीछे की कहानी।
 

आकाश अंबानी की नई प्रतिबद्धताएँ

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी को नई तकनीकों, जैसे कि अंतरिक्ष संपर्क, के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। बुधवार को कंपनी के आईपीओ की सफल शुरुआत के बाद, आकाश ने कहा कि जियो का मुख्य उद्देश्य भारतीयों के लिए डिजिटल संपर्क को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी का शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना एक अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।


आकाश ने निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने का वादा किया, जैसा कि उनकी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले 50 वर्षों में किया है। एनएसई में सूचीबद्धता समारोह में उन्होंने कहा, 'हम जियो को भारत और दुनिया में विकास, उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लेते हैं।' इस अवसर पर उनके माता-पिता मुकेश और नीता अंबानी, भाई-बहन ईशा और अनंत, और दादी कोकिलाबेन भी उपस्थित थे.


अंबानी परिवार की नई पीढ़ी की जिम्मेदारियाँ

आकाश ने बताया कि अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी की जिम्मेदारी केवल विरासत को संभालना नहीं है, बल्कि जियो को और बड़ा और बेहतर बनाना भी है। अनंत ने बताया कि जियो का विचार ईशा ने प्रस्तुत किया था, जिसे आकाश ने आगे बढ़ाया। ईशा ने कहा कि आकाश ने पिछले 13 वर्षों में जियो को स्थापित करने और उसका विस्तार करने में कड़ी मेहनत की है.


जियो का वर्तमान और भविष्य

आज जियो भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है, जिसके 53 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। ईशा ने अपने दादा धीरूभाई के कथन 'विकास ही जीवन है' को दोहराते हुए सभी शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन की प्रतिबद्धता जताई। आकाश ने भविष्य के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि पहले 10 वर्षों में जियो ने डेटा को आम जनता तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, 'अगले 10 वर्षों में हम हर उस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, जो भारतीयों के जीवन में बदलाव ला सकती है। इसमें कृत्रिम मेधा, क्लाउड, कनेक्टेड उपकरण, और अंतरिक्ष से संपर्क जैसी सेवाएं शामिल हैं।'


आकाश ने कहा कि प्रौद्योगिकी का असली मूल्य उन अवसरों में है जो वह उत्पन्न करती है और उन बाधाओं में जो वह दूर करती है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा डिजिटल वातावरण बनाना है, जिसमें जियो प्लेटफॉर्म्स केंद्र में हो और जहां संपर्क, कंप्यूटिंग और मेधा एक साथ काम करें.


आईपीओ की सफलता और बाजार में प्रदर्शन

आकाश ने कहा कि कई वर्षों तक दुनिया भारत को प्रौद्योगिकी का उपभोक्ता मानती रही है, लेकिन अब भारत एक सृजनकर्ता के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक दिन जियो प्लेटफॉर्म्स दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल होगी।


उन्होंने कहा, 'अब हम तिरंगे को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं।' आकाश ने आईपीओ को मिली प्रतिक्रिया को अपनी अपेक्षाओं से अधिक बताया, जो भारत की क्षमता में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। कंपनी के निर्गम के लिए 1.3 करोड़ आवेदनों के माध्यम से 7.5 लाख करोड़ रुपये की मांग आई।


निर्गम खुलने के 95 मिनट के भीतर ही इसे पूर्ण अभिदान मिल गया। सुबह 10 बजे अंबानी परिवार के सभी सदस्यों ने घंटी बजाई। कंपनी का शेयर 1,119 रुपये के निर्गम मूल्य से 23 प्रतिशत बढ़कर 1,358 रुपये पर कारोबार शुरू हुआ। बाद में बीएसई पर शेयर का उच्चतम स्तर 1,375 रुपये तक पहुंच गया, जो निर्गम मूल्य से 22.87 प्रतिशत अधिक है.