×

जीएसटी पंजीकरण में दस्तावेजों की एकरूपता लाने की तैयारी

केंद्र और राज्य के कर अधिकारी जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में एकरूपता लाने की योजना बना रहे हैं। यह कदम उन व्यवसायियों के लिए फायदेमंद होगा, जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का कर क्रेडिट आगे बढ़ाते हैं। प्रस्ताव को जीएसटी परिषद के समक्ष रखा जाएगा, जिससे प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद है। जानें इस पहल के पीछे के उद्देश्य और इसके संभावित लाभ।
 

जीएसटी पंजीकरण के लिए नियमों में बदलाव

केंद्र और राज्य के कर अधिकारी जीएसटी पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में एकरूपता लाने के लिए नए नियमों पर काम कर रहे हैं। इससे उन व्यवसायियों के आवेदन तेजी से स्वीकृत हो सकेंगे, जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का कर क्रेडिट, यानी इनपुट टैक्स क्रेडिट, आगे बढ़ाते हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को साझा की।


जब सभी राज्यों और केंद्र की सहमति प्राप्त हो जाएगी, तो इस प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल होंगे। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य संजय मंगल ने बताया कि कर अधिकारी जीएसटी पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया को स्वचालित करने और उन आधारों को सुव्यवस्थित करने पर भी चर्चा कर रहे हैं, जिनके तहत जीएसटी अधिकारी किसी व्यवसाय का पंजीकरण रद्द कर सकते हैं।


मंगल ने कहा कि वर्तमान में केंद्रीय जीएसटी तंत्र और विभिन्न राज्य तंत्रों द्वारा प्रति माह 2.5 लाख रुपये से अधिक का क्रेडिट आगे बढ़ाने वाले बड़े व्यवसायों के लिए जीएसटी के तहत पंजीकरण प्रक्रिया में असमानता है, जिससे करदाताओं में अनिश्चितता उत्पन्न होती है।


अधिक जानकारी: Gangster Vinod Pannu की Hisar Court के बाहर गोली मारकर हत्या, एक गिरफ्तार


बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कराधान सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हम एक समान परिपत्र लाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे परिषद द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। यह न केवल अधिकारियों के लिए, बल्कि करदाताओं के लिए भी एक समान दिशानिर्देश प्रदान करेगा। हम राज्यों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) या एक समान दस्तावेज तैयार किए जा सकें।