जून 2026 में लागू हुए नए नियम: जानें कैसे बदलेंगे आपकी जेब के हालात
महत्वपूर्ण बदलावों की शुरुआत
नई दिल्ली: जून 2026 की शुरुआत से आम जनता पर प्रभाव डालने वाले कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो चुके हैं। बैंकिंग नियमों से लेकर यूपीआई, आयकर और गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हुए हैं। ये सभी परिवर्तन 1 जून से प्रभावी हैं, और इनका सीधा असर आपके दैनिक खर्चों और वित्तीय योजनाओं पर पड़ेगा।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की है। नई दिल्ली में इसकी कीमत 42 रुपये बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है। कोलकाता सहित अन्य शहरों में भी दाम बढ़ाए गए हैं। ये नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बैंकिंग नियमों में सख्ती
कुछ बैंकों ने करंट अकाउंट और नकद जमा करने के नियमों को कड़ा कर दिया है। अब यदि आप निर्धारित सीमा से अधिक नकद जमा करते हैं, तो आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ सकता है। इसके अलावा, UPI से ATM से पैसे निकालने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब UPI के माध्यम से निकासी आपकी मासिक फ्री लिमिट में शामिल की जाएगी, और सीमा पार होने पर हर लेनदेन पर 23 रुपये तक का शुल्क लग सकता है।
UPI ट्रांजैक्शन में नई सुरक्षा सुविधा
1 जून से UPI भुगतान प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुआ है। अब जब आप किसी को UPI के जरिए पैसे भेजेंगे, तो सामने वाले व्यक्ति का बैंक में रजिस्टर्ड असली नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। NPCI ने यह कदम ऑनलाइन धोखाधड़ी को कम करने के लिए उठाया है, जिससे गलत व्यक्ति को पैसे भेजने की संभावना कम होगी और उपयोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षा मिलेगी।
टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण तिथि
इनकम टैक्स भरने वालों के लिए 15 जून एक महत्वपूर्ण तिथि है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। जिनकी अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें कुल एडवांस टैक्स का 15 प्रतिशत जमा करना होगा। ऐसा न करने पर ब्याज देना पड़ सकता है।
कार खरीदने की लागत में वृद्धि
जून से कार खरीदना भी महंगा हो गया है। मारुति सुजुकी ने अपने मॉडल्स की कीमतों में 30,000 रुपये तक की वृद्धि की घोषणा की है, जबकि हुंडई मोटर इंडिया ने भी कीमतें 12,800 रुपये तक बढ़ाई हैं।
कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल, इनपुट लागत और संचालन खर्च में वृद्धि के कारण उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। इन सभी परिवर्तनों का सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ेगा, इसलिए समय रहते इन नए नियमों को समझना आवश्यक हो गया है।