जेप्टो का आईपीओ: सह-संस्थापकों की हिस्सेदारी नहीं, निवेशकों की बिक्री
जेप्टो के आईपीओ में सह-संस्थापकों की भूमिका
क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो के सह-संस्थापक आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा ने घोषणा की है कि वे अपने प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में कोई हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। इसके विपरीत, प्रारंभिक निवेशक और उद्यम पूंजी फंड इस निर्गम के तहत लगभग 11.35 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे।
कंपनी ने आईपीओ के लिए बाजार नियामक सेबी के पास अपना अद्यतन मसौदा दस्तावेज सोमवार को प्रस्तुत किया।
आईपीओ का आकार और बिक्री की योजना
इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी 8,010 करोड़ रुपये की नई शेयर बिक्री के जरिए पूंजी जुटाने की योजना बना रही है, जबकि खुली पेशकश (ओएफएस) के तहत भी शेयर बेचे जाएंगे। कुल मिलाकर, इस निर्गम का आकार लगभग 11,000 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है, और इसे जुलाई में लाए जाने की संभावना है।
मसौदा दस्तावेज के अनुसार, प्रवर्तक समूह के पास मौजूद 18.47 प्रतिशत हिस्सेदारी में से कोई भी हिस्सा बिक्री के लिए नहीं रखा जाएगा। सबसे बड़ा हिस्सा नैक्सस वेंचर्स द्वारा बेचा जाएगा, जो 8.77 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री करेगा।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जेप्टो का राजस्व 22,623.58 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना से अधिक है। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर 5,905.19 करोड़ रुपये हो गया।
जनवरी-मार्च तिमाही में, जेप्टो का राजस्व 75 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 7,497.64 करोड़ रुपये हो गया, जबकि घाटा कम होकर 1,538.67 करोड़ रुपये रहा।
ऑर्डर और उपयोगकर्ताओं की संख्या
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 64 करोड़ ऑर्डर पूरे किए, जिसमें दैनिक औसत 17 लाख से अधिक ऑर्डर शामिल हैं। मार्च 2026 तक, कंपनी के वार्षिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 4.79 करोड़ हो गई, जबकि इसके स्टोर की संख्या बढ़कर 1,139 हो गई।