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टाइटन का वित्त वर्ष 2025-26 में लाभ 35.36% बढ़ा

टाइटन ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 35.36% लाभ वृद्धि के साथ 1,179 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। कंपनी की कुल बिक्री में भी 48.28% की वृद्धि हुई, जो 20,607 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। टाइटन के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने इसे ऐतिहासिक वर्ष बताया, जिसमें कंपनी ने 50,000 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व का आंकड़ा पार किया। जानें और क्या खास है इस रिपोर्ट में।
 

टाइटन का वित्तीय प्रदर्शन

आभूषण और घड़ी निर्माण में सक्रिय कंपनी टाइटन ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ में 35.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 1,179 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 871 करोड़ रुपये था।


कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में उसकी कुल बिक्री 48.28 प्रतिशत बढ़कर 20,607 करोड़ रुपये हो गई।


टाइटन, जो टाटा समूह और तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम का एक संयुक्त उपक्रम है, ने बताया कि इस तिमाही में उसका कुल खर्च 85.16 प्रतिशत बढ़कर 25,579 करोड़ रुपये हो गया। कुल एकीकृत आय, जिसमें अन्य आय भी शामिल है, 80.3 प्रतिशत बढ़कर 27,104 करोड़ रुपये रही।


वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल लाभ 52 प्रतिशत बढ़कर 5,073 करोड़ रुपये हो गया, जो कि 2024-25 में 3,337 करोड़ रुपये था।


कंपनी की एकीकृत बिक्री 34.4 प्रतिशत बढ़कर 76,797 करोड़ रुपये हो गई, जबकि कुल आय 44.62 प्रतिशत बढ़कर 88,136 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। टाइटन के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए ऐतिहासिक रहा है।


उन्होंने आगे कहा, 'हमने वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 40 वर्षों में पहली बार 50,000 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद अगले 25,000 करोड़ रुपये की वृद्धि केवल एक वर्ष में हासिल की।'


कंपनी ने एक अलग सूचना में यह भी बताया कि उसके निदेशक मंडल ने एक रुपये अंकित मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 15 रुपये का लाभांश देने की सिफारिश की है।