टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने वैश्विक कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर समझौतों की श्रृंखला की शुरुआत की
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की नई साझेदारियां
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल ही में नेक्सपीरिया, फुजीफिल्म और बेसी जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और सरकारी संस्थानों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये सहयोग सेमीकंडक्टर निर्माण, सामग्री, उन्नत पैकेजिंग, तकनीकी विकास और प्रतिभा संवर्धन से संबंधित हैं। कंपनी गुजरात और असम में अपने बड़े निवेश के तहत एक समग्र सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रही है।
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम में समझौतों की घोषणा
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के दौरान, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने नीदरलैंड की चिप निर्माता कंपनी नेक्सपीरिया, जापान की फुजीफिल्म, और नीदरलैंड की सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता बेसी के साथ समझौते किए। इसके अलावा, कंपनी ने कौशल विकास और प्रतिभा निर्माण के लिए गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ भी एक समझौता किया है। ये सभी समझौते तीन दिवसीय सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन के दौरान यूरोप, जापान, सिंगापुर और भारत की विभिन्न कंपनियों के साथ किए गए हैं।
रणधीर ठाकुर का बयान
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक रणधीर ठाकुर ने बताया कि गुजरात के धोलेरा में कंपनी का सेमीकंडक्टर संयंत्र और असम के जगीरोड में पैकेजिंग संयंत्र सरकार द्वारा किए गए वादों के अनुसार समय पर प्रगति कर रहे हैं। नेक्सपीरिया के साथ समझौते के तहत, धोलेरा संयंत्र में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की एमओएसएफईटी चिप का निर्माण किया जाएगा, जबकि जगीरोड में सेमीकंडक्टर उत्पादों की असेंबली और परीक्षण किया जाएगा।
निवेश और विकास की योजनाएं
फुजीफिल्म धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के संयंत्र के लिए उन्नत सेमीकंडक्टर सामग्री विकसित करने का कार्य करेगी। इसके अलावा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में लगभग 800 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर सामग्री संयंत्र की स्थापना की जाएगी। बेसी के साथ समझौते के तहत, जगीरोड में सेमीकंडक्टर की उन्नत पैकेजिंग के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीकी क्षमताओं का विकास किया जाएगा।
सप्लाई चेन और वेंडर पार्क
कंपनी के रणनीति एवं कारोबार विकास के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्पल शाह ने सेमीकॉन इंडिया 2026 में एक चर्चा के दौरान बताया कि धोलेरा चिप संयंत्र के लिए लगभग 450 आपूर्तिकर्ता होंगे। इन आपूर्तिकर्ताओं के लिए संयंत्र के निकट 363 एकड़ में एक 'वेंडर पार्क' विकसित किया जा रहा है। शाह ने कहा कि चिप निर्माण संयंत्र अत्यधिक पूंजी-गहन होता है और इसे कुछ घंटों के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता।
वेंडर पार्क की सुविधाएं
इसलिए, मरम्मत, रखरखाव, कलपुर्जों, रसायनों और गैसों की उपलब्धता के लिए आपूर्तिकर्ताओं की निकटता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कंपनी सिंगापुर के एक प्रमुख डेवलपर के साथ मिलकर धोलेरा में 363 एकड़ का 'प्लग एंड प्ले' वेंडर पार्क विकसित कर रही है, जिसमें बिजली, पानी, अन्य सुविधाएं और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।