टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वृद्धि के संकेत दिए
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से होने वाली आय में उल्लेखनीय वृद्धि की सूचना दी है। कंपनी ने 5,500 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है और वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार देखा गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने डिविडेंड का प्रस्ताव भी रखा है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है।
Apr 9, 2026, 20:48 IST
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बढ़ता प्रभाव
भारत की प्रमुख तकनीकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के परिणामों के साथ यह स्पष्ट किया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यवसाय में योगदान तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने बताया कि सालाना आधार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता से होने वाली आय लगभग 2.3 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो पिछले तिमाही के मुकाबले काफी अधिक है।
आय में वृद्धि और प्रोजेक्ट्स की संख्या
पिछली तिमाही में यह आंकड़ा करीब 1.8 अरब डॉलर था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी के समाधान अपनाने की गति में तेजी आई है। वर्तमान में, कंपनी ने 5,500 से अधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया है, जो इस क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
कंपनी की रणनीति में बदलाव
कंपनी की मुख्य संचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अपनाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि नई सेवाओं, डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड आधुनिकीकरण में लगातार अच्छे समझौते हो रहे हैं, जिससे कंपनी के कारोबार को मजबूती मिली है।
निवेश और साझेदारियां
कंपनी ने अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता को प्राथमिकता दी है और डेटा केंद्र के क्षेत्र में निवेश बढ़ाया है। इसके तहत, उसकी सहयोगी इकाई हाइपरवॉल्ट के माध्यम से बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने ओपनएआई सहित कई वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है, ताकि नई तकनीकों को तेजी से लागू किया जा सके।
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का ढांचा
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े ढांचे के निर्माण की योजना भी बनाई गई है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता 100 मेगावाट निर्धारित की गई है, और इसे आगे बढ़ाकर बड़े स्तर तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
वित्तीय प्रदर्शन
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का चौथी तिमाही का मुनाफा बढ़कर लगभग 13,718 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले तिमाही की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक है। परिचालन से होने वाली आय भी बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, और कंपनी का परिचालन मार्जिन लगभग 25.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
डिविडेंड का प्रस्ताव
कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 31 रुपये के अंतिम डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा। पूरे वर्ष में, कंपनी ने डिविडेंड के रूप में निवेशकों को लगभग 39,571 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।