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टाटा ट्रस्ट्स का टाटा ग्रुप के लिए रणनीतिक पुनर्गठन प्रस्ताव

टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पुनर्गठन प्रस्तावित किया है, जिसमें TSPL का विलय और नए ऑपरेटिंग मॉडल की स्थापना शामिल है। इस कदम से कंपनी की वित्तीय स्थिति और संगठनात्मक ढांचे में सुधार की उम्मीद है। प्रस्तावित बदलावों के तहत, TSPL को NBFC या CIC के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा। जानें इस पुनर्गठन के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
 

टाटा ट्रस्ट्स का नया पुनर्गठन प्रस्ताव

टाटा ट्रस्ट्स, जो टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड (TSPL) में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी के लिए एक नया रणनीतिक पुनर्गठन पेश किया है। ट्रस्ट्स द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस पुनर्गठन के बाद TSPL को नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) या कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा।


इस प्रस्तावित पुनर्गठन में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (TESS) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) का TSPL के साथ विलय शामिल है। ट्रस्ट्स ने कहा कि इस कदम से TSPL के लिए एक नया ऑपरेटिंग मॉडल स्थापित होगा, जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी के रूप में इसकी भूमिका को बनाए रखेगा, साथ ही इसके अपने संचालन और राजस्व को भी सुनिश्चित करेगा।


विलय के बाद, 31 मार्च 2026 तक एकीकृत इकाई का ऑपरेटिंग राजस्व 1,05,043 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, जबकि वित्तीय संपत्तियों से आय 40,072 करोड़ रुपये होगी। विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुल आय में ऑपरेटिंग राजस्व की हिस्सेदारी 64.3 प्रतिशत होगी।


नए नियमों का पालन आवश्यक

जारी बयान में कहा गया है कि नई कंपनी NBFC के रूप में वर्गीकृत होने के लिए आवश्यक मुख्य व्यवसाय की शर्तों को पूरा नहीं करेगी। इसके अलावा, ग्रुप कंपनियों में इसका निवेश कुल नेट एसेट के 90 प्रतिशत से कम होगा, जिससे यह CIC के लिए लागू शर्तों को भी पूरा नहीं करेगी।


इस प्रस्तावित विलय के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के 'नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज़ – वॉलंटरी अमलगमेशन डायरेक्शन्स, 2025' का पालन करना आवश्यक है, जिसमें RBI से पहले 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) प्राप्त करना भी शामिल है। टाटा ट्रस्ट्स ने कहा कि रीऑर्गनाइज़ेशन के बाद TSPL के CIC न रहने पर, उसे अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट भी सरेंडर करना होगा।


TSPL बोर्ड को प्रस्तावित कदम

टाटा ट्रस्ट्स ने TSPL के बोर्ड को एक पत्र भेजकर इस प्रस्ताव पर विचार करने और मंज़ूरी देने के लिए कहा है, जिसमें आवश्यक NOC के लिए RBI से संपर्क करना भी शामिल है। ट्रस्ट और TSPL प्रस्तावित रीऑर्गनाइज़ेशन के संबंध में केंद्रीय बैंक के साथ बातचीत करेंगे।


ट्रस्ट्स ने कहा कि प्रस्तावित संरचना का उद्देश्य नियामक नियमों का पालन करना और टाटा ग्रुप के 100 साल से अधिक पुराने संगठनात्मक ढांचे को बनाए रखना है। यह प्रस्ताव जुलाई 2025 में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा पारित उन प्रस्तावों के अनुरूप है, जिनमें TSPL को एक अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी के रूप में बनाए रखने की कोशिश की गई थी।