टाटा पावर का 28,000 करोड़ रुपये का निवेश योजना, विवादों का नहीं पड़ेगा असर
टाटा पावर की भविष्य की योजनाएं
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ संजय बंगा ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी कि कंपनी वित्त वर्ष 2027-28 तक लगभग 28,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर आगे बढ़ेगी, भले ही टाटा समूह में नेतृत्व से जुड़े मतभेद मौजूद हैं। बंगा ने स्पष्ट किया कि कंपनी का संचालन उसके निदेशक मंडल द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाता है, और प्रवर्तक स्तर पर चल रहे विवादों का कंपनी की विस्तार योजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "हमारी कंपनी एक सूचीबद्ध कंपनी है, जिसका प्रबंधन निदेशक मंडल करता है, इसलिए प्रवर्तक स्तर पर मतभेदों का इससे कोई संबंध नहीं है।" बंगा ने आगे बताया कि कंपनी इस वित्त वर्ष में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 13,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।
वित्त वर्ष 2027-28 में निवेश को बढ़ाकर लगभग 15,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी की विस्तार योजनाओं में बड़े सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के साथ-साथ छतों पर सौर इकाइयों की रूफटॉप परियोजनाएं और बैटरी ऊर्जा भंडारण शामिल हैं। बंगा के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक बड़े और वाणिज्यिक सौर एवं पवन ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से तीन गीगावाट क्षमता जोड़ना और दो गीगावाट रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित करना है।
सितंबर तक, दोनों श्रेणियों में लगभग 800-800 मेगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी थी। कंपनी की कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 7.2 गीगावाट है, जिसमें 5.5 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है। बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता लगभग 200 मेगावाट-घंटा है, जिसे अगले एक वर्ष में बढ़ाकर दो गीगावाट-घंटा करने की योजना है।
बंगा ने यह भी बताया कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 17,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में उसका राजस्व 14,500 करोड़ रुपये था।